ज़ी न्यूज़ के दोनों संपादकों को मिली ज़मानत

  • 17 दिसंबर 2012
ज़ी टीवी भारत का पहला 24 घंटे का न्यूज़ चैनल था.

भारतीय टीवी चैनल ज़ी न्यूज के दोनों संपादकों सुधीर सौधरी और समीर अहलूवालिया को दिल्ली की निचली अदालत से राहत मिल गई है.

दिल्ली के साकेत कोर्ट ने 50-50 हजार के निजी मुचलके पर दोनों को ज़मानत दे दी हालांकि कोर्ट ने संपादकों के विदेश दौरे पर रोक लगा दी है.

कोर्ट ने सुधीर और समीर को पासपोर्ट जमा कराने का आदेश दिया है.

माना जा रहा है कि दोनों को सोमवार देर शाम तक रिहा किया जा सकता है जो दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद थे.

मामला

ज़ी न्यूज़ के दोनों वरिष्ठ पत्रकारों को कांग्रेस सांसद और उद्योगपति नवीन जिंदल से उगाही करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.

इन दोनों पर उद्योगपति नवीन जिंदल से कोयला घोटाले पर ख़बर ना चलाने के लिए 100 करोड़ रुपए मांगने का आरोप है.

उल्लेखनीय है कि जब सुधीर चौधरी और समीर अहलूवालिया इस बारे में जिंदल ग्रुप के साथ बात कर रहे थे तब जिंदल ग्रुप ने उनका एक सीडी बना लिया था.

इस सीडी में दिखाया गया था कि ये पत्रकार पैसों की मांग कर रहे थे और कह रहे थे कि अगर उन्हें ये पैसा मिला तो वो जिंदल ग्रुप के बारे में नकारात्मक खबरें नहीं करेंगे.

सुधीर चौधरी ने इन आरोपों को बकवास करार दिया था और कहा था कि ये चैनल पर दबाव बनाने का तरीका है.

इससे पहले नवीन जिंदल ने कहा था कि ज़ी के अधिकारी उनसे पिछले चार वर्षों से बीस करोड़ रुपए मांग रहे हैं जिसके बाद उन्होंने इस बैठक की चुपके चुपके सीडी बनाई थी.

मामला सामने आने के बाद ज़ी टीवी ने जिंदल ग्रुप के ख़िलाफ़ 100 करोड़ रुपए का मानहानि का दावा किया था. जबकि जिंदल ने ज़ी के ख़िलाफ़ 200 करोड़ रुपए का दावा कर रखा है.

उल्लेखनीय है कि कैग की रिपोर्ट में जिंदल समूह का नाम भी उन कंपनियों के साथ रखा गया है जिन्हें कोयला ब्लॉक आवंटन में फायदा पहुंचा है.

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