बलात्कार पीड़िता अब भी नाज़ुक़

सफ़दरजंग अस्पताल
Image caption पीड़ित छात्रा अस्पताल में ज़िंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही है

दिल्ली में रविवार की देर शाम एक बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार छात्रा अब भी ख़तरे से बाहर नहीं हैं. पीड़ित लड़की सफ़दरजंग अस्पताल में ज़िंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही है.

मंगलवार को अस्पताल के मेडिकल अधीक्षक डॉक्टर बीडी अथानी ने बीबीसी से बातचीत के दौरान कहा कि पीड़ित छात्रा की हालत पिछले 24 घंटों में थोड़ी बेहतर ज़रूर हुई है लेकिन अब भी उनकी हालत नाज़ुक बनी हुई है.

डॉक्टर अथानी के अनुसार पीड़ित छात्रा वेंटिलेटर पर हैं लेकिन कभी-कभी वो बिना वेंटिलेटर की मदद से भी सांस लेने की कोशिश कर रहीं हैं, इसलिए कहा जा सकता है कि वो आंशिक रूप से ही सपोर्ट सिस्टम पर हैं.

डॉक्टर अथानी ने कहा कि डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी 24 घंटे निगरानी कर रही है और डॉक्टरों के अनुसार अगले 48 घंटे पीड़ित के लिए बहुत अहम है.

उनके अनुसार पीड़िता को कई जगहों पर चोट लगी है लेकिन उनकी आंत और पेट में गंभीर चोट लगी है जिसकी डॉक्टर ख़ास तौर पर निगरानी कर रहे हैं.

हालांकि पीड़िता के आंतरिक अंगों और सिर पर भी चोटें आईं हैं लेकिन डॉक्टरों के अनुसार मेडिकल की दृष्टि से वो बहुत अधिक चिंता की बात नही है.

लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि अभी फ़िलहाल पीड़िता का किसी तरह का ऑपरेशन नहीं किया जाना है.

मां से मुलाक़ात

रविवार को जब उन्हें अस्पताल लाया गया था उसके बाद से उनकी सर्जरी की गई थी.

डॉक्टर अथानी के अनुसार सोमवार की पीड़िता की मां को उनके पास कुछ देर के लिए ले जाया गया था.

डॉक्टर अथानी ने कहा कि पीड़िता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बहुत सारी बातें सार्वजनिक नहीं की जा सकती हैं.

ग़ौरतलब है कि रविवार रात को पीड़ित छात्रा और उनके एक पुरुष दोस्त मुनिरका से द्वारका जाने के लिए बस में बैठे, जिसके बाद बस में बैठे कुछ लोगों ने लड़की के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी. बस में उन बदमाशों के अलावा कोई नहीं था.

पुलिस के अनुसार बाद में विरोध करने पर लड़के को रॉड से मारकर घायल कर दिया और लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया.

बाद में बदमाशों ने दोनों को बस से बाहर फेंक दिया गया. पुलिस ने इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ़्तार किया है और दो की तलाश जारी है.

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