बलात्कार मामले में सख़्त दिल्ली हाई कोर्ट

 बुधवार, 19 दिसंबर, 2012 को 13:26 IST तक के समाचार
दिल्ली हाई कोर्ट

अदालत ने इस मामले पर गहरी नाराजगी जताई है

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि वो दिल्ली में चलती हुई बस में 23 वर्षीय एक लड़की से सामूहिक बलात्कार की घटना से "विक्षुब्ध" है.

अदालत ने इस बारे में महिला वकीलों को आश्वासन दिया है कि वो इस “शर्मनाक” घटना पर ध्यान दे रही है.

अदालत ये बातें महिला वकीलों की एक याचिका के बाद कही है जिसमें इस मामले की अदालती निगरानी में जांच की मांग की गई है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अदालत ने कहा, “ये कुछ लोगों की तरफ से अंजाम दी गई एक शर्मनाक कोशिश है. वो समझते हैं कि वो कानून व्यवस्था से खेल सकते हैं. हम इससे बहुत विक्षुब्ध हैं.”

अदालत ने आगे कहा, “इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को सख्त संदेश दिए जाने चाहिए.” अदालत ने पुलिस की भी खिंचाई की है.

पुलिस को फटकार

उधर अस्पताल में भर्ती पीड़ित लड़की की क्लिक करें स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है. डॉक्टरों का कहना है कि उसे गंभीर चोटें आई है.

जस्टिस संजय किशन कौल और विपिन सांघी की खंडपीठ ने कहा, “हमने अखबार देखे और आपस में इस बारे में चर्चा की. कृपया हमें कुछ और दीजिए. हम इस मामले को देख रहे हैं.”

"पुलिस और न्यायापालिका में जनता का विश्वास खत्म हो रहा है. इस घटना से पहले पुलिस क्या कर रही थी."

दिल्ली हाई कोर्ट

हाई कोर्ट ने पुलिस को भी फटकार लगाई है. अदालत ने कहा, “पुलिस और न्यायापालिका में जनता का विश्वास खत्म हो रहा है. इस घटना से पहले पुलिस क्या कर रही थी.”

अदालत ने इस तरह के मामलों से निपटने के लिए पांच फास्ट ट्रैक अदालत बनाने को कहा है.

25 महिला वकीलों ने अदालत के सामने इस मामले को उठाया है. इनमें दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ की पूर्व अध्यक्ष मोनिका अरोड़ा भी शामिल हैं.

नहीं लिया स्वतः संज्ञान

इन वकीलों की मांग है कि अदालत मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए इस मामले की जांच की निगरानी करे.

बलात्कार पर विरोध

इस घटना का व्यापक विरोध हो रहा है

अरोड़ा ने कहा, “हम अदालत की निगरानी वाली एक जांच चाहते हैं और ये अदालत सार्वजनिक स्थलों और वाहनों में महिला की सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी करे. इस तरह के मामलों से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट भी बननी चाहिए.”

जस्टिस कौल ने कहा, “ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और इसे अंजाम देने वालों को सख्त संदेश दिए जाने की जरूरत है. हमें कुछ और दीजिए.”
अदालत ने इन महिला वकीलों को इस मुद्दे पर जनहित याचिका दायर करने की भी आजादी दी है.

रविवार रात को फिजियोथेरेपी की पढ़ाई कर रही लड़की का दिल्ली में चार लोगों ने एक चलती बस में 'बर्बरता' से बलात्कार किया.

इन लोगों ने लड़की के एक दोस्त पर भी हमला किया और लड़की का बलात्कार करने के बाद दोनों को बस से बाहर फेंक दिया. पुलिस ने अभी इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

वैसे अदालत ने बुधवार को इस मामले पर स्वतः संज्ञान नहीं लिया और महिला वकीलों से “एकाध दिन” इंतजार करने को कहा है.

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