ज़रूरत हुई तो पीड़िता का इलाज विदेश में: शीला

 गुरुवार, 20 दिसंबर, 2012 को 17:12 IST तक के समाचार
बलात्कार की घटना पर विरोध

बलात्कारियों को कड़ी सजा की मांग हो रही है

दिल्ली में सामूहिक बलात्कार की शिकार 23 वर्षीय लड़की के इलाज के लिए दिल्ली सरकार आगे आई है.

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि अगर ज़रुरत पड़े और अगर लड़की इस हालत में हो तो हम उसके इलाज के लिए उसे दुनिया के किसी भी देश में ले जाने के लिए तैयार हैं.

शीला दीक्षित ने ये भी कहा, ''ये सिर्फ दिल्ली सरकार ही नहीं बल्कि केंद्र सरकार का भी कहना है कि एक बार लड़की की हालत स्थिर हो जाए और वो ख़तरे से बाहर जाए तो डॉक्टर जहां कहीं भी कहेंगे हम उसे इलाज के लिए ले जाएंगे.''

पीड़ित लड़की के साथ रविवार रात को बड़ी ही बर्बरता से सामूहिक बलात्कार कर उसे गंभीर हालत में सड़क पर फेंक दिया गया था.

शिनाख्त़

इस बीच ऐसी खबरें आ रहीं है कि सामूहिक बलात्कार करने वाले अभियुक्तों की गुरुवार शाम शिनाख्त़ की जा सकती है.

इस पहचान परेड में लड़की के साथ हादसे के वक्त रहे उसके दोस्त द्वारा अभियुक्तों की पहचान करवाई जाएगी.

इस कांड के दो आरोपियों ने पहले ही अपना जुर्म कबूल लिया था और पहचान परेड करवाने से मना कर दिया था. पुलिस अब हिरासत में लिए गए अन्य दो अभियुक्तों की शिनाख्त़ करवाने जा रही है.

सामूहिक बलात्कार के छह अभियुक्तों में से चार को गिरफ़्तार कर लिया गया है और मंगलवार को उन्हें पाँच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था. इनमें से दो अब भी फ़रार हैं और पुलिस उन्हें तलाश कर रही है.

उधर पीड़ित लड़की की हालत स्थिर है और उसके सभी मानदंड सही हैं लेकिन संक्रमण का ख़तरा बना हुआ है.

मेडिकल बुलेटिन

गुरुवार की सुबह सफ़दरजंग अस्पताल के मेडिकल अधीक्षक डॉक्टर बीडी अथानी ने एक संवाददाता सम्मेलन कर पीड़ित छात्रा का मेडिकल बुलेटिन जारी किया.

डॉक्टर अथानी के अनुसार, ''पीड़ित छात्रा का रक्तचाप, सांस लेने की गति जैसे महत्वपूर्ण मानदंड स्वीकार्य सीमा के अंदर हैं और उनकी हालत स्थिर है.''

डॉक्टर के अनुसार छात्रा होश में हैं और वो इशारे से बात भी कर रही हैं. लेकिन उनकी सबसे बड़ी चिंता संक्रमण की है.

डॉक्टर अथानी के अनुसार, ''संक्रमण का ख़तरा अभी भी बना हुआ है और इसके लिए अगले 10 दिनों तक मरीज़ की निगरानी करनी होगी.''

इससे पहले बुधवार को दूसरी बार छात्रा का ऑपरेशन किया गया था और उसकी पूरी आंत को बाहर निकाल दिया गया.

डॉक्टरों का कहना है कि जब रविवार को बलात्कार के बाद लड़की को अस्पताल में लाया गया तब उसकी पांच प्रतिशत आंत ही सही सलामत थी.

बुधवार को डॉक्टरों ने संक्रमण से बचाने के लिए उसकी बाकी बची 15 इंच लंबी आंत को बाहर निकाल दिया.

"ऐसा लगता है कि लड़की के अंदर लोहे की रोड डाली गई और फिर उसे इतने जोर से बाहर निकाला गया कि उसके साथ लड़की की आंत भी बाहर आ गई. संभवतः यही वजह हो सकती है जिससे उसकी आंतों को इतना नुकसान हुआ है."

डॉक्टर

डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत अब भी गंभीर बनी हुई है. मीडिया खबरों के अनुसार लड़की के भाई ने बताया कि उसकी बहन ने एक कागज़ पर लिख कर कहा है, “मां, मैं जीना चाहती हूं.”

राजधानी दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में इस सामूहिक बलात्कार पर लोगों में रोष है. लड़की के भाई ने कहा, “हम चाहते हैं कि दोषियों को जल्द से जल्द फांसी होनी चाहिए.”

'बर्बरता की इंतिहा'

मीडिया रिपोर्ट में लड़की के इलाज में लगे एक डॉक्टर के हवाले से कहा गया है, “ऐसा लगता है कि लड़की के अंदर लोहे की छड़ डाली गई और फिर उसे इतने ज़ोर से बाहर निकाला गया कि उसके साथ लड़की की आंत भी बाहर आ गई. संभवतः यही वजह हो सकती है जिससे उसकी आंतों को इतना नुकसान हुआ है.”

सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर बीडी अथानी ने बताया, “उसकी आंतों को स्थाई तौर पर नुकसान हुआ है. चूंकि उसकी सभी आंतों को निकाल दिया गया है, इसलिए फिलहाल उसे नसों के जरिए तरल खाद्य पदार्थों दिया जा रहा है, आगे उसे इस स्थिती से कैसे उबारा जाए उस बारे में बाद में सोचेंगे, लेकिन अभी हमारी कोशिश उसकी जान बचाना है.”

डॉक्टरों का कहना है कि लड़की के रक्तचाप, मूत्र बनना, नब्ज और सांस लेने जैसी शारीरिक प्रक्रियाएं स्वीकार्य रेंज में हैं.

डॉक्टर अथानी के अनुसार लड़की को पेट को साफ किया गया है और पेट से तरल पदार्थों को निष्कासित करने के लिए एक ट्यूब लगाई गई है.

विरोध जारी

दूसरी तरफ बलात्कार पीड़ित के समर्थन में गुरुवार को लगातार चौथे दिन भी राजधानी दिल्ली में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए.

हालांकि, स्त्रीवादी और वकील वृंदा ग्रोवर ने बलात्कार मामले में फांसी की सज़ा का विरोध किया है. वृंदा बुधवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की तरफ से बुलाई गई बैठक में शामिल हुई थीं.

जबकि,सफदरजंग अस्पताल के बाहर गुरुवार को भी छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों को फांसी की सज़ा देने की मांग की.

बलात्कार पर विरोध

इस घटना ने महिलाओं की सुरक्षा पर नई बहस छेड़ी है

घटना के विरोध में बुधवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे जिसमें बड़ी संख्या में आम लोगों ने भाग लिया था.

दूसरी तरफ गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भी संसद में भरोसा दिलाया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाएंगे. इनके तहत गृहसचिव की अगुवाई में एक विशेष समिति बनाई जाएगी जो इस तरह के मामलों में दिशानिर्देश तय करेगी.

रविवार को चलती बस में 23 वर्षीय छात्रा से बलात्कार की घटना के बाद हो रहे व्यापक विरोध के कारण सरकार पर काफी दबाव है.

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