राष्ट्रपति भवन तक पहुंचा बलात्कार पर विरोध

 शुक्रवार, 21 दिसंबर, 2012 को 13:16 IST तक के समाचार
बलात्कार पर विरोध

इस घटना के बाद पुलिस पर गंभीर सवाल उठे हैं.

दिल्ली में रविवार को एक चलती बस में 23 वर्षीय लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार के विरोध में राष्ट्रपति भवन के पास महिलाओं ने प्रदर्शन किया है.

ये प्रदर्शनकारी दिल्ली के सफदरजंग के अस्तपाल में भर्ती लड़की के लिए इंसाफ की मांग कर रही हैं.

“हमें इंसाफ चाहिए, हमें इंसाफ चाहिए” के नारे लगा रही इन महिलाओं में कई विदेशी नागरिक भी शामिल थीं.

प्रदर्शनकारियों ने मानव श्रृंखला बना कर राष्ट्रपति भवन के सामने विरोध जताया. उनका आरोप है कि बलात्कार के मामलों पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है.

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल भी इस मु्द्दे पर शुक्रवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

इस बीच पुलिस ने इस मामले में पांचवें अभियुक्त को पकड़ने का दावा किया है. चार लोगों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है.

जिजिविषा

डॉक्टरों के अनुसार अब भी बलात्कार पीड़ित की हालत गंभीर बनी हुई है लेकिन उसके भीतर बेमिसाल जज़्बा है और वो जीना चाहती है.

लड़की बोल नहीं सकती है क्योंकि उसके मुंह में ट्यूब लगी हुई है. वो सिर्फ कागज़ पर लिख कर बात कर सकती है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार गुरुवार को बलात्कार पीड़ित से मिलने के बाद उसके परिवार के सदस्यों ने कहा, “उसे इस बात का पता है कि मीडिया इस मुद्दे को उठा रहा है. लड़की ने परिवार वालों से पूछा कि क्या अभियुक्त पकड़े गए हैं.”

इससे पहले बुधवार को इस लड़की ने डॉक्टरों ने कहा, “मैं जीना चाहती हूं.” उसके कई ऑपरेशन हो चुके हैं और डॉक्टरों को उसकी आंतें निकालनी पड़ी हैं.

"अस्पताल में लाए जाने से पहले उसने बेहद मुश्किल तीन घंटों का सामना किया जो उसके अंदर की शक्ति को दिखाता है. और इस हालत में भी उसने हिम्मत नहीं छोड़ी है."

बीडी अथानी, सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक

सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीडी अथानी ने कहा, “वो अपने आप सांस लेने की कोशिश कर रही है और हम उसे मुंह के अलावा अन्य रास्तों से पोषक तत्व देने की कोशिश कर रहे हैं. आंत न होने की वजह से वो मुंह से खाना नहीं खा पाएगी.”

बलात्कार पीड़ित को अस्पताल में लाए जाने के बाद से ही वेंटिलेटर पर रखा गया है. डॉक्टरों का कहना है कि वो हिम्मत वाली लड़की है और अपने हालात से लड़ रही है.

डॉ. अथानी ने कहा, “अस्पताल में लाए जाने से पहले उसने बेहद मुश्किल तीन घंटों का सामना किया जो उसके अंदर की शक्ति को दिखाता है. और इस हालत में भी उसने हिम्मत नहीं छोड़ी है.”

अथानी ने कहा कि उनका उद्देश्य लड़की को अंततः आईसीयू से बाहर निकालना है. वो खुद से सांस लेने की कोशिश कर रही है लेकिन उसे अभी वहां से निकालना जल्दबाजी होगी.

संयुक्त राष्ट्र ने की निंदा

इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने भी बलात्कार की इस घटना की कड़ी निंदा की है.

लैंगिक समानता पर संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूएन वीमन की क्षेत्रीय कार्यक्रम निदेशक एन एफ स्टैहैमर ने कहा, “ये हमला भारत की सभी महिलाओं पर हमला है. महिलाओं के खिलाफ हिंसा महिलाओं का मुद्दा नहीं है, बल्कि एक मानवाधिकार का मुद्दा है.”

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर मजबूत राजनीतिक इच्छा शक्ति की जरूरत है और मौजूदा कानूनों को कडाई से लागू किया जाना चाहिए.

बलात्कार का विरोध

प्रदर्शनकारी इंसाफ की मांग कर रही हैं

स्टैहैमर ने कहा, “हम दिल्ली सरकार और भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि वो बड़े बदलावों के लिए हर मुमकिन कदम उठाएं, न्याय सुनिश्चित करें और महिलाओं के जीवन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए सार्वजनिक सेवाओं में बेहतरी लाएं.”

संयुक्त राष्ट्र की ये संस्था लैंगिंक समानता और महिला सशक्तिकरण के लिए काम करती है.

उधर समाचार एजेंसी पीटीआई ने दिल्ली पुलिस प्रमुख नीरज कुमार के हवाले से कहा है, “बलात्कार मामले में पांचवे अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया है. कुछ और ब्यौरा देने से पहले उसकी उम्र की जांच की जा रही है. अगर (वो) नाबालिग है तो हम कानून के मुताबिक उसकी पहचान ज़ाहिर नहीं कर सकते हैं.”

इस मामले में चार अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.

विदेश भेजने को तैयार

दूसरी तरफ दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि अगर ज़रूरत पड़े और लड़की इस हालत में हो तो वो उसे इलाज के लिए विदेश भी भेजने को तैयार हैं.

शीला दीक्षित ने ये भी कहा, ''ये सिर्फ दिल्ली सरकार ही नहीं बल्कि केंद्र सरकार का भी कहना है कि एक बार लड़की की हालत स्थिर हो जाए और वो ख़तरे से बाहर जाए तो डॉक्टर जहां कहीं भी कहेंगे हम उसे इलाज के लिए ले जाएंगे.''

रविवार को चलती बस में 23 वर्षीय छात्रा से बलात्कार की घटना के बाद हो रहे व्यापक विरोध के कारण सरकार पर काफी दबाव है.

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