बलात्कारियों में एक नाबालिग भी?

  • 21 दिसंबर 2012
Image caption राजधानी दिल्ली में पीड़िता के लिए लोग न्याय की गुहार लगा रहे हैं

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत से लड़ रही सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई 23 वर्षीय लड़की को वेंटिलेटर से हटा दिया गया है.

इस लड़की का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है, ''लड़की की हालत में सुधार हो रहा है लेकिन उसके प्लेटलेट्स गिर रहे हैं. वो बोलने की कोशिश कर रही है लेकिन उसके लिवर में संक्रमण होने की आशंका है.''

इस बीच राजधानी दिल्ली के पुलिस आयुक्त नीरज कुमार और गृह सचिव आरके सिंह ने इस मामले पर हुई ताज़ा कार्रवाई की जानकारी दी.

गृह सचिव ने बताया कि इस मामले पर चार्जशीट जल्द ही होगी और इस मामले पर तुरंत सुनवाई होगी.

उनका कहना था, ''हम इस मामले की जल्द सुनवाई की कोशिश करेंगे. हमारी अपील होगी कि इस मामले की रोज़ सुनवाई हो और हम चाहेंगे कि ज्यादा से ज्यादा सज़ा हो और इस मामले में ये सज़ा आजीवन कारावास होगी. हमारा मानना है इस मामले में यही सज़ा होनी चाहिए.''

कदम

पुलिस आयुक्त ने बताया कि पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें से एक की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती क्योंकि उसे नाबालिग बताया जा रहा है.

इस पर स्पष्टीकरण देते हुए गृह सचिव ने कहा कि ये दावा किया जा रहा है कि वो नाबालिग है लेकिन अभी टेस्ट होने बाकी हैं.

आरके सिंह ने कहा, "जिस बस में ये पीड़ित लड़का और लड़की सवार हुए थे वो चार्टर्ड बस थी और कॉन्ट्रैक्ट बस थी ऐसी स्थिति में ये सवारियों को नहीं बिठा सकती थी. इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए हमने ऐसी कॉन्ट्रैक्ट बसों पर जो सवारियों को लाने-ले जाने का अवैध काम कर रहे थे उन पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें जब्त कर लिया गया है और लाइसेंस भी रद्द कर दिए जाएंगे."

इसके साथ ही उन्होंने बताया, '' डीटीसी बस हो या उससे मान्यता प्राप्त बसें, या कॉन्ट्रैक्ट बसें- उन्हें ड्राइवर की फोटो लगानी होगी साथ ही बसों में सवार ड्राइवर के साथ हेल्पर की भी फोटो लगी होनी चाहिए और उनकी पुलिस जांच होनी चाहिए वैसे ही टैक्सी और ऑटो चालकों की भी फोटो लगानी होगी और उनके लिए पब्लिक सर्विस बैज होना अनिवार्य होगा. अगर इनमें से कोई दुर्व्यवहार करता है तो तुरंत कार्रवाई होगी और उसका वाहन जब्त किया जाएगा.''

विरोध-प्रदर्शन

साथ ही उनका कहना था कि बसों में पुलिस वाले सादे कपड़ो में यात्रा करेंगे विशेषकर उन बसों में जिन्हें महिलाएं इस्तेमाल करती हैं और उम्मीद है कि इस कदम से लोगों को पकड़ा जा सकेगा.

दोनों अधिकारियों ने जानकारी देते हुए कहा,'' घटनास्थल पर मिले सबूत, मौखिक बयान और फॉरेंसिक सबूत की मदद से हम दोषसिद्ध कर पाएंगे.''

इस बीच सामूहिक बलात्कार के विरोध में राष्ट्रपति भवन के पास महिलाओं ने प्रदर्शन किया है.

ये प्रदर्शनकारी महिलाएं दिल्ली के सफदरजंग के अस्पताल में भर्ती लड़की के लिए इंसाफ की मांग कर रहीं थीं.

“हमें इंसाफ चाहिए, हमें इंसाफ चाहिए” के नारे लगा रही महिलाओं में कई विदेशी महिलाएं भी शामिल थी.

प्रदर्शनकारियों ने मानव श्रृंखला बना कर राष्ट्रपति भवन के सामने विरोध जताया. उनका आरोप है कि बलात्कार के मामलों पर सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है. जब पुलिस ने उन्हें राष्ट्रपति भवन से हटा दिया तो उन्होंने इंडिया गेट पर जाकर प्रदर्शन किया.

प्रदर्शनकारियों में सीपीआई के पूर्व महासचिव एबी बर्धन भी शामिल थे. उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा कि मौजूदा सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है.

Image caption अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया

उधर सफदरजंग अस्पताल के बाहर पीड़िता के समर्थन में अस्पताल के सामने प्रदर्शन करने वालों का सिलसिला जारी है. शुक्रवार को भी बहुत सारे लोग वहां पर मौजूद थे और सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे.

वहां मौजूद ज़्यादातर लोग दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ़ नारे लगा रहे थे. प्रदर्शनकारियों में एक स्कूल के कई सारे बच्चे भी शामिल थे.

अस्पताल के पास प्रदर्शन की एक खास बात थी कि सफदरजंग अस्पताल में काम करने वाली महिला फ़ीज़ियोथेरेपिस्टों ने भी पीड़ित छात्रा के समर्थन में विरोध प्रदर्शन किया. ग़ौरतलब है कि पीड़ित लड़की भी फ़ीज़ियोथेरपी की छात्रा है.

संबंधित समाचार