हत्या के अभियुक्त इतालवी नौसैनिक स्वदेश लौटे

  • 22 दिसंबर 2012
इतालवी नौसैनिक
Image caption स्वदेश रवाना हुए इतालवी नौसैनिक (फाइल फोटो)

दस महीने पहले दो भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार दो इलातवी नौसैंनिको अपने परिवार के साथ क्रिसमस मनाने के लिए अपने देश चले गए हैं.

अदालती आदेश के अनुसार इन्हें दो हफ्तों के भीतर वहां से भारत वापस आना होगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि मासिमिलानो लातोरे और सल्वातोरे गिरोने ने शनिवार को कोच्चि हवाई अड्डे से उड़ान भरी.

शुक्रवार को केरल में कोवलम के अधिकारियों ने दोनों नौसैनिकों के पासपोर्ट उन्हें सौंप दिए.

उन्होंने अधिकारियों को लिखित आश्वासन दिया है कि वे 10 जनवरी तक वापस भारत लौट आएंगे ताकि 15 जनवरी को कोवलम की अदालत में मुकदमे के दौरान हाजिर रहें.

केरल हाई कोर्ट के निर्देश के अनुसार इतालवी नौसैनिकों ने 6 करोड़ रुपये की बैंक गांरटी भी दी है. इसी के बाद उन्हें दो हफ्ते के लिए स्वदेश लौटने की अनुमति दी गई.

वापसी पर राजनीति

इन नौसौनिकों को दो भारतीय मछुआरों अजेश बिंकी (25 वर्षीय) और जेलेस्टाइन (45) की गोली मार कर हत्या करने के आरोप में 19 फरवरी को गिरफ्तार किया गया था. गोलीबारी की ये घटना 15 फरवरी की है.

जिस समय गोलीबारी की घटना हुई थी उस समय इटली के नौसैनिक अपने देश के टैंकर एनरिका लेक्सी पर तैनात थे.

ये टैंकर सिंगापुर से मिस्र जा रहा था जिसमें 19 भारतीयों समेत 34 चालक दल के सदस्य सवार थे.

इटली चाहता था कि नौसैनिकों पर मुक़दमा न चले.

इटली के रक्षा मंत्री गियामपाओलो दी पाअलो ने पिछले सप्ताहांत को कोच्चि में इन नौसैनिकों से मुलाकात की. इसके बाद इटली के राष्ट्रपति ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपने देश के इन नौसैनिकों से बात की.

केरल में वामपंथी नेता वीएस अच्युतानंदन ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार की आलोचना करते हुए कहा है कि उसने इतालवी नौसैनिकों को स्वदेश जाने की अनुमति देने के अदालती निर्देश को चुनौती नहीं दी

केरल सरकार ने 18 दिसंबर को इतालवी नौसैनिकों की याचिका का ये कह कर विरोध किया कि ये उन्हें देश से बाहर भेजने का 'छल' है और इससे इस बारे में चल रहे मुकदमे को नुकसान होगा.

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