बलात्कार पीड़ित के लिए सड़कों पर उतरे लोगों पर लाठी चार्ज

 शनिवार, 22 दिसंबर, 2012 को 16:26 IST तक के समाचार
दिल्ली में भड़का लोगों का गुस्सा

सामूहिक बलात्कार पर लोगों का विरोध लगातार जारी है

सामूहिक बलात्कार का शिकार बनी लड़की के समर्थन में राष्ट्रपति भवन के नजदीक रायसीना हिल पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर आंसू गैस और पानी की बौछारों के अलावा लाठी चार्ज भी किया गया है.

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रधानमंत्री ने गृहमंत्री से कहा है कि वो सुनिश्चित करें कि लोग सुरक्षित महसूस करें.

ये लोग 23 वर्षीय छात्रा के साथ बलात्कार करने वालों को कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं. इस प्रदर्शन में विभिन्न स्कूल और कॉलेज के छात्रों, विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता, गृहणियों, पेशेवरों लोगों समेत युवा और उम्रदराज-सभी वर्ग के लोगों ने हिस्सा लिया.

राजधानी दिल्ली में रविवार को चलती बस में इस छात्रा के बलात्कार के विरोध में लगातार छह दिनों से प्रदर्शन हो रहे हैं.

प्रदर्शन में पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह भी शामिल हुए. उन्होंने कहा, “ये समस्या सरकार की नाकामी की वजह से पैदा हुई है. पुलिस सुधार कई वर्षों से ठंडे बस्ते में पड़े हैं. इस बारे में उन्होंने क्यों कुछ नहीं किया."

सिंह ने कहा, "कोई लड़की और महिला पुलिस थाने जाने को तैयार नहीं है. हमें सोचना होगा कि हमने ये क्या किया है.”

पुलिस अब तक इस मामले में छह अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चुकी है.

उबलता गुस्सा

"बड़े ही दुख की बात है. कोई लड़की और महिला पुलिस थाने जाने को तैयार नहीं है. हमें सोचना होगा कि हमने ये क्या किया है."

वीके सिंह, पूर्व सेना प्रमुख

कुछ प्रदर्शनकारी अभियुक्तों को फांसी दिए जाने की मांग रहे हैं तो दिल्ली पुलिस पर नाकामी के आरोप लगा रहे हैं.

रायसीना हिल पर प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज भी किया.

राजधानी दिल्ली के अलावा देश के कई हिस्सों में हाल के दिनों में इस बर्बर बलात्कार पर लोगों ने सड़कों पर उतर कर अपना गुस्सा जताया है.

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि एक के बाद एक बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं और इन्हें रोकने के लिए कारगर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं.

हालत नाजुक

बलात्कार पर विरोध

कई दिनों से हो रहा है विरोध

डॉक्टरों का कहना है कि लड़की को अब वेंटिलेटर से हटा लिया गया है लेकिन उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है. उसे संक्रमण से बचाने के लिए डॉक्टरों को उसकी आंतें निकालनी पड़ी हैं.

इससे पहले शुक्रवार को भी प्रदर्शनकारियों ने मानव श्रृंखला बना कर राष्ट्रपति भवन के सामने विरोध जताया. जब पुलिस ने उन्हें राष्ट्रपति भवन से हटा दिया तो उन्होंने इंडिया गेट पर जाकर प्रदर्शन किया.

उधर सफदरजंग अस्पताल के बाहर पीड़िता के समर्थन में प्रदर्शनों का सिलसिला जारी है.

दूसरी तरफ दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया है कि वह उन पुलिसवालों के नाम बताए, जो उस रात वारदात की जगह के नजदीकी चेक पोस्टों पर तैनात थे.

दो दिन पहले ही अदालत ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए पुलिस को कड़ी फटकार लगाई थी और उसे स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा था.

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