क्या सोमवार को भी जुटेंगे प्रदर्शनकारी?

 सोमवार, 24 दिसंबर, 2012 को 08:08 IST तक के समाचार
दिल्ली में प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच रविवार दिन भर तीखी झड़प होती रही

दिल्ली में सामूहिक बलात्कार की घटना पर विरोध प्रदर्शन करने वालों ने सप्ताहांत पर पुलिस-प्रशासन को काफ़ी छकाया मगर अब नज़रें इस बात पर लगी हैं कि क्या सोमवार को भी ये प्रदर्शनकारी जुटेंगे?

प्रशासन ने इसके अंदेशे को देखते हुए केंद्रीय दिल्ली के नौ मेट्रो स्टेशन सोमवार को बंद करने की घोषणा की है. दरअसल मेट्रो के ज़रिए बड़ी तादाद में लोग इंडिया गेट पर पहुँचे हैं और क्लिक करें विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है.

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने प्रगति मैदान, मंडी हाउस, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, उद्योग भवन, खान मार्केट, रेस कोर्स, राजीव चौक और बाराखंबा रोड स्टेशन बंद रखने की घोषणा की है. इसके चलते सोमवार को ऑफ़िस पहुँचने वालों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है.

ये फ़ैसला दिल्ली पुलिस के निर्देश पर किया गया है. रेल कॉर्पोरेशन की ओर से बताया गया, "ये स्टेशन तब तक बंद रहेंगे जब तक दिल्ली पुलिस से अगले आदेश नहीं मिल जाते. वैसे केंद्रीय सचिवालय पर मेट्रो की दूसरी लाइन लेने की सुविधा लोगों को रहेगी."

नज़रें इस बात पर भी लगी हैं कि कहीं ये विरोध प्रदर्शन सिर्फ़ सप्ताहांत का ही तो नहीं था जबकि छुट्टी होने की वजह से ज़्यादा तादाद में लोग इंडिया गेट और रायसीना हिल्स पर पहुँचे.

हिंसक प्रदर्शन

बंद मेट्रो स्टेशन

  • प्रगति मैदान
  • मंडी हाउस
  • पटेल चौक
  • केंद्रीय सचिवालय
  • उद्योग भवन
  • खान मार्केट
  • रेस कोर्स
  • राजीव चौक
  • बाराखंबा रोड

रविवार शाम को पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों पर पानी की तेज़ बौछारें कीं और आँसू गैस के गोले भी छोड़े. इतना ही नहीं पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया जिससे कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं.

उधर प्रदर्शनकारियों में भी एक वर्ग क्लिक करें हिंसा पर उतारू हो गया था और उन्होंने पुलिस पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए थे. प्रदर्शनकारी लगातार इंडिया गेट पर 'वी वॉन्ट जस्टिस' यानी 'हमें न्याय चाहिए' के नारे लगा रहे थे.

उन प्रदर्शनकारियों ने बार-बार पुलिस का क्लिक करें बैरियर तोड़ने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने भी इस तरह बल प्रयोग किया. दोनों पक्षों का ये संघर्ष रविवार दिन भर चला था.

सरकारी क़दम

इस बीच सरकार ने रविवार देर रात यौन उत्पीड़न मामलों में मौजूदा क़ानूनों की समीक्षा के लिए एक अधिसूचना जारी कर दी है.

केंद्रीय गृह मंत्री क्लिक करें सुशील कुमार शिंदे ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इसके लिए भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जेएस वर्मा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है जो कि मौजूदा क़ानूनों में संभावित संशोधन पर सिफारिशें देगी.

प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारियों में से एक वर्ग ने हिंसक होकर पुलिस को निशाना बनाया

समिति को 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.

समिति महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामलों में मौजूदा आपराधिक क़ानून की समीक्षा करेगी और अपराधियों के लिए सजा बढ़ाए जाने पर भी विचार करेगी.

पीड़िता की हालत

रविवार रात आठ बजे डॉक्टरों ने बलात्कार पीड़ित लड़की की हालत की जानकारी देते हुए बताया कि लड़की की हालत खतरे से बाहर नहीं है लेकिन वो हिम्मत से लड़ रही है.

डॉक्टरों ने उसे वापस वेंटिलेटर पर रख दिया है. उनका कहना है कि पीड़ित को संक्रमण का खतरा बराबर बना हुआ है और उसके रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या भी घट रही है.

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