प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने दी अपनी बेटियों की दुहाई

 सोमवार, 24 दिसंबर, 2012 को 11:47 IST तक के समाचार
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

इंडिया गेट के आसपास विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया

दिल्ली में सामूहिक बलात्कार पर गुस्से से उबल रही महिलाओं के इंडिया गेट पर आने के बाद भारत के प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दोनों अपनी बेटियों की दुहाई देते हुए देश से शांत होने की अपील कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सुबह देश के नाम अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा, "तीन बेटियों का पिता होने के नाते मैं भी उसी तरह का गमो-गुस्सा महसूस कर रहा हूं जिस तरह का आम लोग. इस मामले में लोगों का गुस्सा जायज़ है लेकिन गुस्से से कोई काम नहीं निकलेगा."

इसके पहले भारत के गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने एक निजी टीवी चैनल सीएनएन आईबीएन से बात करते हुए इसी लहजे में कहा "पुलिस आयुक्त की दो बेटियाँ हैं, मेरे सहयोगी मंत्री की तीन बेटियाँ हैं मेरी भी तीन बेटियाँ हैं मैं भी लोगों का गुस्सा समझता हूँ." चैनल के एंकर राजदीप सरदेसाई की तरफ होकर शिंदे ने उन्हें भी कहा, "यार तुम्हारी भी एक बेटी है."

मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं सभी नागरिकों से शांति और व्यवस्था बनाए रखने की अपील करता हूँ. मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि देश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर क़दम उठाया जाएगा."

'पुलिस कार्रवाई सही'

"तीन बेटियों का पिता होने के नाते मैं भी उसी तरह का गमो-गुस्सा महसूस कर रहा हूं जिस तरह का आम लोग. इस मामले में लोगों का गुस्सा जायज़ है लेकिन गुस्से से कोई काम नहीं निकलेगा"

मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री

गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने क्लिक करें इंडिया गेट पर रविवार को प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के बल-प्रयोग का ये कहते हुए बचाव किया है कि भीड़ में कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल थे जो हिंसक हो उठे थे, जिन्हें तितर-बितर करना जरूरी था.

गृह मंत्री ने कहा कि वे क्लिक करें सामूहिक बलात्कार की घटना पर लोगों के आक्रोश को समझते हैं, लेकिन इस तरह कानून-व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जा सकता.

उन्होंने कहा कि भीड़ में निर्दोष लोग भी थे जिन्हें क्लिक करें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा, लेकिन भीड़ को इस तरह राष्ट्रपति भवन की तरफ आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

शिंदे ने कहा कि रविवार की घटना में शामिल हिंसक तत्वों को ऐसे ही नहीं छोड़ दिया जाएगा, उनकी पहचान करके गिरफ्तारी की जाएगी.

किस तरह का 'जस्टिस'

"पुलिस आयुक्त की दो बेटियाँ हैं, मेरे सहयोगी मंत्री की तीन बेटियाँ हैं मेरी भी तीन बेटियाँ हैं मैं भी लोगों का गुस्सा समझता हूँ"

सुशील कुमार शिंदे, गृह मंत्री

एक सवाल के जबाव में गृहमंत्री ने कहा कि लोग क्लिक करें 'वी वान्ट जस्टिस' के नारे लगा रहे हैं, लेकिन ये भी बताएं कि वो आखिर किस तरह के जस्टिस की बात कर रहे हैं.

इंडिया गेट पर जाकर लोगों से मुलाकात करने के सवाल पर गृहमंत्री ने कहा कि इस बारे में बात करना आसान है, लेकिन ऐसा करना आसान नहीं है. उनका कहना था, "कल को अगर कांग्रेस के या भाजपा के लोग प्रदर्शन करने लगें तो मुझे उनसे क्यों नहीं बात करनी चाहिए. कल को माओवादी प्रदर्शन करने आ जाएँगे तो मुझे उनके पास भी जाना चाहिए?"

उन्होंने तर्क दिया कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने आध रात के वक्त प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की थी और कार्रवाई का भरोसा दिलाया था, कार्रवाई की भी गई, फिर क्यों लोग दोबारा सड़कों पर उतर आए, उन्हें संयम बरतना चाहिए.

गृहमंत्री ने ये भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की कोई जरूरत नहीं है.

उन्होंने कहा कि बलात्कार की इस तरह की घटनाओं में न्यायिक कार्रवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए तेज़ी से निपटाई जाएगी और अन्य राज्यों को भी इसी तरह का परामर्श दिया जाएगा.

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