गैंग रेप की सुनवाई 3 जनवरी से फास्ट ट्रैक अदालत में

  • 24 दिसंबर 2012

दिल्ली गैंग रेप मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालत में 3 जनवरी से होगी. दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को ये जानकारी दी.

जस्टिस धर्मार मुरुगसेन ने इन दोनों नेताओं को भी बताया कि इस मामले के अलावा दिल्ली के सभी बलात्कार मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी और इसके लिए पांच फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे.

इतना ही नहीं बलात्कार के मामलों की सुनवाई बिना किसी रुकावट के प्रत्येक दिन होगी. दिल्ली हाई कोर्ट ने इस बाबत राज्य सरकार को आदेश जारी कर दिया है.

केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, “सरकार इस मुद्दे पर बेहद गंभीर है. हमने आरोपियों को तुरंत पकड़ा और इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी. कोर्ट में मामले की सुनवाई प्रतिदिन चलेगी.”

देश भर में फास्ट ट्रैक कोर्ट

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से ये भी कहा गया है कि बलात्कार मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली में ज़्यादा से ज़्यादा फास्ट ट्रैक अदालतें बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इसके बाद पूरे देश में इस प्रक्रिया को लागू किया जाएगा.

हाल ही में पंजाब सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से बलात्कार मामलों की सुनवाई के लिए सात फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की मांग की है. वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने राज्य में बलात्कार मामलों की सुनवाई के लिए ज़िला स्तर पर फॉस्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है.

Image caption दिल्ली में बलात्कार मामलों की सुनवाई अब फास्ट ट्रैक में होगी

इस मामले में केंद्रीय गृहमंत्री शिंदे के अलावा प्रधानमंत्री ने भी पूरी गंभीरता बरतने का भरोसा दिलाया है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने संदेश में गैंग रेप के आरोपियों को जल्दी सजा दिलाने और महिलाओं की सुरक्षा पर हर संभव उपाय करने का भरोसा दिया है. दिल्ली गैंग रेप मामले में दिल्ली पुलिस एक सप्ताह के अंदर चार्जशीट दाखिल करेगी.

बावजूद इसके आम लोगों और विपक्ष की नाराज़गी कम नहीं हो रही है. मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की नेता वृंदा करात ने कहा, “प्रधानमंत्री की भावना भले अच्छी हो लेकिन उनका बयान कोई भरोसा नहीं दिलाता है. क्योंकि सरकार यह नहीं बता पा रही है कि वह दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस व्यवस्था को किस तरह से मज़बूत कर रही है.”

विपक्ष के आरोप

दूसरी ओर दिल्ली के राज्यपाल लेफ्टिनेंट तेजिंदर खन्ना ने पुलिस के आला अधिकारियों के साथ बैठक की. खन्ना अमरीका का दौरा बीच में छोड़कर देर रात लौटे हैं. खन्ना ने कई महिला संगठनों से बातचीत करके भरोसा दिलाया है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए हरसंभव कोशिश की जा रही है.

दरअसल दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है और दिल्ली के पुलिस कमिश्नर राज्यपाल को रिपोर्ट करते हैं क्योंकि राज्यपाल दिल्ली पुलिस के प्रशासनिक मुखिया होते हैं.

वहीं भारतीय जनता पार्टी की नेता सुषमा स्वराज ने बताया है कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं है. उन्होंने कहा, “हमने प्रधानमंत्री को ख़त लिखकर संसद का विशेष सत्र बुलाकर मौजूदा कानून को कठोर बनाने का सुझाव रखा, गृहमंत्री को सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए ख़त लिखा. लेकिन हमारे दोनों सुझाव पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया. अब वह प्रदर्शनकारियों पर डंडे बरसा रही है.”

हालांकि सरकार की ओर से इंडिया गेट के आस पास के इलाकों में प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांति बरतने की लगातार अपील की जा रही है.

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