ना जाने कौन सा भगवान काम आ जाए

प्रार्थना
Image caption पूरे देश में इस सेहत लड़की की सेहत के लिए प्रार्थनाएं की जा रही है.

सफ़दरजंग के आईसीयू में तारों और दवा की नलियों से बिंधी हुई वो लड़की और बाहर वेटिंग रूम में बैठे माँ-बाप, मनोचिकित्सक उनको बता रहे हैं कि इस लड़की की सांसों की लड़ाई कितनी कठिन है.

अस्पताल के कपड़ों में हल्की नीली चादर पर लेटी उस लड़की के कमरे में भिन्न-भिन्न धर्मों के भगवानों की तस्वीरें लगीं हैं जिन्हें सफ़दरजंग अस्पताल की नर्सों ने लगाया है.

उस बलात्कार पीड़ित लड़की की चिकित्सा से जुड़े सफ़दरजंग अस्पताल के दल के एक आदमी ने नाम न बताने कि शर्त पर बताया कि इस लड़की के माता पिता ने उसे बताया है कि किस तरह से पूरे देश में उसके लिए हर धर्मं के लोग प्रार्थनाएं कर रही हैं.”

‘माँ-बाप की भी मनोवैज्ञानिक काउन्सिंलिग’

इस शख्स ने नाम ना बताने की शर्त पर बताया की उस लड़की के माँ-बाप सफ़दरजंग अस्पताल में ही रह रहे हैं और लगभग पूरे समय वेटिंग रूम में बने रहते हैं. इस लड़की के अलावा मनोचिकित्सक उनसे भी बातचीत कर रहे हैं साथ ही अन्य डॉक्टर उनके स्वास्थ्य पर भी नज़र बनाए हुए हैं.

यह आदमी जिसे अस्पताल ने औपचरिक रूप से बातचीत करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है उसने बताया कि “यूं तो कमरे को संक्रमण से मुक्त रखने के लिए किसी को भी उस लड़की के साथ पूरे समय नहीं रहने देते लेकिन जब भी उस लड़की से मिलने की अनुमति होती है उसकी माँ उसके पास होती है.”

उस लड़की की हिम्मत की दाद देते हुए इस डॉक्टर ने बताया “वो जानती है कि उसकी हालत क्या है लेकिन जब भी आंसू छलकते हैं तो उसके पीछे उसके शरीर में हो रहा भयानक दर्द होता है उसकी मानसिक कमजोरी नहीं.”

‘वीआईपी से हलकान’

हालांकि उस लड़की के कमरे में कोई टीवी नहीं है लेकिन उसे पता है कि किस तरह से उसके साथ घटे अपराध ने देश की सरकार को हिला कर रख दिया है.

लड़की को देखने के लिए आने वालों बड़े बड़े लोंगो और नेताओं के कारण अस्पताल का अमला परेशान है.

महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा भी आज उस लड़की का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुँची शर्मा ने बाहर निकल कर पत्रकारों को बताया कि सरकार इस लड़की को इलाज के लिए विदेश ले जाने के लिए तैयार है लेकिन इलाज कर रहे डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत इस लायक नहीं है कि उसे इस असपताल से हिलाया भी जा सके.

हालत बेहतर

अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है “इस लड़की की हालत सोमवार से बेहतर है लेकिन अभी भी उसकी हालत नाज़ुक ही है. हम बस इतना कह सकते हैं की हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.”

अस्पताल में उसके इलाज कर रहे हैं मनोचिक्त्सक डॉक्टर रस्तोगी का कहना है कि “यह लडकी भविष्य को लेकर आशावादी है.”

संबंधित समाचार