बलात्कार पीड़ित इलाज के लिए सिंगापुर रवाना

  • 27 दिसंबर 2012
बलात्कार पीड़ित के लिए न्याय की मांग
बलात्कार पीड़ित के लिए न्याय की मांग

दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड की पीड़ित लड़की को इलाज के लिए सिंगापुर भेजा गया है.

दिल्ली में 16 दिसंबर को चलती बस में बर्बर सामूहिक बलात्कार का शिकार होने के बाद से वो सफदरजंग अस्पताल में भर्ती थी. उसे बुधवार रात को मेदांता मेडिसिटी अस्पताल की एंबुलेंस से सफरदरजंग अस्पताल से निकाला गया.

सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक बीडी अथानी ने बताया है कि लड़की को बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर भेजा गया है. वहां के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में अब उसका आगे का इलाज होगा.

पिछले दस दिनों से जिंदगी और मौत के बीच झूल रही लड़की को एक विशेष विमान से सिंगापुर भेजा गया है. इसमें आईसीयू की सुविधा भी है.

हालत गंभीर

डॉ. अथानी ने बताया कि लड़की का तीन बार ऑपरेशन किया गया लेकिन अब भी उसकी हालत गंभीर बनी हुई है. हालांकि उन्होंने फिर कहा कि पीड़ित हिम्मत के साथ हालात का सामना कर रही है लेकिन उसे बेहतर इलाज की जरूरत है.

सफदरजंग अस्पताल की क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) के प्रमुख डॉ. यतीन गुप्ता और चार अन्य डॉक्टरों की एक टीम और पीड़ित के माता पिता भी उसके साथ सिंगापुर गए हैं.

अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद से लड़की की हालत गंभीर बनी हुई थी. सफदरजंग अस्पताल में लड़की को लगभग पूरे समय वेंटिलेटर पर रखा गया था.

डॉक्टर उसकी आंतों को पहले ही निकाल चुके हैं. लेकिन उसमें संक्रमण का खतरा बराबर बना हुआ है.

दिल्ली समेत देश भर में इस लड़की को न्याय दिलाने की मांग के साथ व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

'पता नहीं कहां जा रहे हैं'

इस मुद्दे पर पूरे देश में उबाल है

इस बीच मीडिया रिपोर्ट में लड़की के पिता के हवाले से कहा गया है उन्हें नहीं बताया गया था कि लड़की को कहां ले जाया जा रहा है.

उन्होंने कहा, “हम कुछ नहीं जानते हैं. हमें नहीं पता कि हम कहां जा रहे हैं. हमें बस ये बताया गया है कि हम विदेश जा रहे हैं. मैं, मेरी पत्नी और पूरा परिवार उसके साथ विदेश जा रहे हैं.”

जीने की इच्छा और बलात्कारियों के लिए सजा चाहने वाली इस लड़की को दोबारा अपना बयान रिकॉर्ड कराना पड़ा है.

पहली बार 21 दिसंबर को एसडीएम के सामने उसका बयान रिकॉर्ड किया गया था. लेकिन मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के सामने 24 दिसंबर को दोबारा उसका बयान रिकॉर्ड कराया गया.

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के इस आरोप के बाद दोबारा बयान रिकॉर्ड कराया गया कि पुलिस ने पीड़ित का बयान रिकॉर्ड होने की प्रक्रिया में बाधा पहुंचाई थी.

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