शीला दीक्षित पर फूटा प्रदर्शनकारियों का गुस्सा

  • 29 दिसंबर 2012
Image caption दुष्कर्म की शिकार लड़की की मौत के बाद जनता में आक्रोश है

दिल्ली में सामूहिक बलात्कार की शिकार लड़की के निधन पर राजनीतिक पार्टियों और नेताओं ने दुख के साथ ही अपना रोष भी प्रकट किया है.

जैसे ही जनता में इस पीड़ित की मौत का समाचार फैलने लगा, प्रदर्शनकारी एक बार फिर से दिल्ली की सड़कों पर उतरने लगे.

लोग भारी तादाद मे जमा न हो सकें, इसी आशंका के चलते दिल्ली मेट्रो ने एक बार फिर से इंडिया गेट के आस-पास के सभी मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए.

दिल्ली पुलिस ने भारी तादाद में सड़कों पर जवानों को उतार दिया और दिल्ली छावनी में तब्दील हो गई.

मेट्रो बंद

इसके बावजूद लोग राजधानी के अलग-अलग के इलाकों में इकट्ठे हो गए और प्रदर्शन करने लगे.

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने जंतर मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियो के पास पहुंचने की कोशिश की पर प्रदर्शनकारियों ने उन्हें आगे नही जाने दिया.

एक ओर जनता ने कहीं प्रदर्शन तो कहीं चुप रह अपना विरोध जताया.

तमाम राजनीतिक दलों ने भी इस लड़की की मौत पर शोक जताया है.

अपने शोक संदेश में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, “आज सुबह सिंगापुर में 23-वर्षीय युवती की दुखद मृत्यु से मैं बेहद व्यथित हूं. वो एक बहादुर और हिम्मतवाली लड़की थी जो आखिरी पल तक अपनी ज़िंदगी और सम्मान के लिए लड़ी. वो एक असली हीरो और भारतीय युवा और महिलाओं का प्रतीक है.”

दिल्ली और बाकी देश में युवती के बलात्कार से पैदा हुई ‘भावनाओं और ऊर्जाओं’ को पहचानते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि “भारत वाकई बदलाव चाहता है”. उन्होंने ये भी कहा है कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि भारत महिलाओं के लिए बेहतर और सुरक्षित स्थान बने.”

युवती की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए गृहमंत्री सुशीलकुमार शिंदे ने वादा किया है कि मौजूदा क़ानूनों को और कड़ा किया जाएगा ताकि आगे ऐसी घटनाएं फिर न घटे. उन्होंने ये भी कहा कि मृत लड़की को सही श्रद्धांजलि यही होगी कि आरोपियों को ज़्यादा-से-ज़्यादा सज़ा मिले.

भाजपा ने 23 वर्षीय युवती के निधन पर शोक संदेश जारी किया है, “हम भारत की उस बहादुर लड़की की मौत पर अफ़सोस प्रकट करते हैं जो 13 दिन तक अपनी ज़िंदगी के लिए लड़ने के बाद कल रात ज़िंदगी की लड़ाई हार गई.

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार को कड़े क़ानूनों को अमल करने और दोषियों को ज़्यादा कड़ी सज़ा देने के लिए कदम उठाने चाहिए.

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा, “आखिर क्या है हमारे समाज में कि इस तरह की घिनौनी घटना देश की राजधानी में हुई.”

जनता पार्टी नेता सुब्रामण्यम स्वामी ने ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है, "निर्भया तो मर गई लेकिन हमारे देश में जो ग़लत हो रहा है, उसने ये हमें दिखा दिया. अब हम ख़ामोशी के षड्यंत्र का हिस्सा नहीं बनेंगे."

ट्विटर पर ही जहां बीजू जनता दल के नेता जय पांडा ने लिखा है, "सुबह उठते ही साथ ये दुखद ख़बर सुनी....यही उम्मीद कर सकते हैं कि इस युवती की मौत भारत को बदलाव लाने के लिए झकझोर सके." वहीं जम्मू कश्मीर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने ट्वीट किया है, "भगवान उस बहादुर लड़की की आत्मा को शांति दे."

लोकसभा में प्रतिपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने भी अपनी प्रतिक्रिया ट्विटर के ज़रिए दी है. उन्होंने लिखा है, "उस लड़की की मौत ने पूरे देश की अन्तरात्मा को हिला दिया है. हमें जगना होगा और भारत को अपनी बेटियों के लिए सुरक्षित बनाना होगा."

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