भारत पहुँचेगा बलात्कार पीड़ित का शव

  • 30 दिसंबर 2012

दिल्ली में चलती बस में हुए बलात्कार की शिकार हुई युवती की मौत के बाद देश के कोने कोने में शनिवार दिन भर विरोध प्रदर्शनों का होना जारी रहा और रात को भी ठंड के बीच लोग डटे रहे.

उत्तरी भारत में कड़ाके की ठंड के बावजूद और मुल्क के दक्षिणी शहर बैंगलोर में लोग कई शहरों के मुख्य चौराहों और दूसरी जगहों पर भी लोग शाम में जमा हुए और विरोध प्रदर्शन किए.

इस बीच लड़की का शव सिंगापुर से विशेष विमान के ज़रिए भारत लाया जा रहा है और माना जा रहा है कि ये सुबह दिल्ली पहुँच सकता है.

राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर कड़ाके की सर्दी के बीच सकड़ों प्रदर्शनकारी डटे रहे. प्रदर्शनकारियों की ये भीड़ शनिवार सुबह से ही इकट्ठा होनी शुरू हो गई थी.

जंतर मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों के लिए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए थे. दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन स्थल पर लोगों से शांति बनाए रखने की लगातार अपील की गई.

दिल्ली पुलिस की ओर से हो रही घोषणाओं में कहा गया कि लोग असामाजिक तत्वों से सतर्क रहें.

इससे पहले जंतर मंतर पर पहुंची दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का भी विरोध हुआ और उन्हें जल्द ही प्रदर्शन स्थल से जाना पड़ा.

दिल्ली ही नहीं मुंबई के भी कई इलाकों में प्रदर्शन हुए. मुंबई के मरीन ड्राइव पर लोगों ने मोंमबत्तियों के साथ मार्च किया.

इस प्रदर्शन में फ़िल्म अभिनेत्री शबाना आज़मी, सपा सांसद और अभिनेत्री जया बच्चन और जावेद अख्तर जैसी हस्तियां भी मौजूद थीं.

प्रदर्शन में मौजूद शबाना आज़मी ने कहा, “हम अपने गुस्से को ज़ाया नहीं कर सकते. अगर हम ऐसा करते हैं तो ये धोखा होगा. हमें गहन चिंतन की ज़रुरत है.”

मुंबई में 'कैंडल मार्च'

बीबीसी संवाददाताओं के अनुसार पटना, जयपुर, बैंगलोर, हैदराबाद समेत कई और शहरों में भी प्रदर्शन हुए. सभी स्थानों पर हो रहे प्रदर्शनों में लोगों ने गुनेहगारों को सख्त सज़ा दिए जाने की मांग की.

दिल्ली में सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई लड़की शुक्रवार देर रात को ज़िंदगी की जंग हार गई.

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में हालत बिगड़ने के बाद पीड़ित को गुरुवार को सिंगापुर भर्ती कराया गया था.

महिला के शरीर को भारत लाने के लिए एक विशेष विमान सिंगापुर पहुंच चुका है.समाचार एजेंसियों के अनुसार पीडिता का शव देर रात दिल्ली पहुंचेगा.

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 23 वर्षीय छात्रा की मौत पर दुख व्यक्त किया.

अपने शोक संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कदमों पर विचार कर रही है. साथ ही मौजूदा कानूनों की समीक्षा भी की जा रही है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि राजनीतिक दल और दूसरे लोग अपने स्वार्थ को दरकिनार करते हुए इस ओर काम करेंगे कि भारत में महिलाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए.

दर्द समझती सोनिया गांधी

Image caption लोगों में राजनेताओं के प्रति खासी नाराज़गी है.

यूपीए प्रमुख सोनिया गाँधी ने कहा कि एक औरत और माँ होने के नाते वो लोगों का दर्द समझती हैं.

उन्होंने कहा, "जिन लोगों ने अपनी आवाज उठाई है, मैं उन्हें ये आश्वासन देना चाहूँगी कि उनकी आवाज सुनी गई है और उनका संघर्ष व्यर्थ नहीं जाएगा."

सोनिया गाँधी ने कहा कि वो पीड़ित लड़की की हिम्मत और इच्छाशक्ति की दाद देती हैं और लोगों का संघर्ष बेकार नहीं जाएगा.

उन्होंने बताया, "इस घटना ने हमारे निश्चय को और दृढ़ किया है कि हम महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के लिए और इंतजाम करेंगे. हम इस बात की कोशिश करेंगे कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जल्दी से जल्दी कड़ी से कड़ी सजा मिले."

अस्पताल में क्या हुआ?

इससे पहले सिंगापुर में बीबीसी संवाददाता पुनीत सिंह ने बताया था कि अस्पताल ने एक बयान जारी कर कहा था कि लड़की की मौत स्थानीय समयानुसार चार बजकर पैंतालिस मिनट पर हुई थी और उस समय परिवारवाले उसके साथ थे.

सिंगापुर में भारतीय उच्चायुक्त टीसीए राघवन ने पत्रकारों को बताया, “पीड़िता की मौत उसे लगी चोटों की वजह से हुई. उसके परिवार वाले सदमे में हैं. लेकिन वो ये भी समझते हैं कि उनकी बेटी का अच्छे-से-अच्छा इलाज हुआ लेकिन उसकी चोटें इतनी गंभीर थीं कि उसे बचाया नहीं जा सका.”

बलात्कार की घटना के बाद दिल्ली में इलाज के दौरान ये लड़की अपने होश में थी और परिवारवालों से बात भी कर रही थी. मुश्किल हालात में भी अपने दिलेरी से उसने लोगों का दिल जीता लेकिन जिंदगी और मौत की जंग में नहीं जीत पाई.

टीसीए राघवन ने कहा कि पीड़ित लड़की को लगी चोटें बेहद गंभीर थीं जिसके कारण उसकी मौत हुई

16 दिसंबर की रात को इस लड़की से चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया और फिर बुरी तरह पीटा गया था.

उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था. दिल्ली में इलाज के दौरान लड़की की हालत लगातार गंभीर बनी रही थी और उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था. डॉक्टर उसकी आंतों को पहले ही निकाल चुके थे.

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