बलात्कार पीड़ित के लिए अमिताभ की कविता

  • 30 दिसंबर 2012
अमिताभ बच्चन
Image caption अमिताभ का कहना है कि वो इस पूरे घटनाक्रम से बेहद दुखी हैं

दिल्ली सामूहिक बलात्कार की शिकार लड़की की मौत पर जहां हर कोई गमजदा है, वहीं बॉलीवुड स्टार अमिताभ बच्चन ने अपने दुख को एक कविता में ढाला है.

इस कविता के जरिए बिग बी ने उम्मीद जताई है कि लोगों की आंखें खुलेंगी और वो महिलाओं को सम्मान देना सीखेंगे.

दिल्ली में चलती बस में बर्बर सामूहिक बलात्कार का शिकार बनी लड़की को श्रद्धांजिल देते हुए वो कहते हैं कि जब कैंडल लाइट और पुष्पांजलियां ख़त्म हो जाएंगे तो निर्भयता हृदयों में प्रज्ज्वलित होगी.

यूट्यूब और फेसबुक पर लगी इस कविता को अमिताभ ने अपनी आवाज दी है और कविता इस तरह है:

समय चलते मोमबत्तियां, जल कर बुझ जाएंगी..

श्रद्धा में डाले पुष्प, जलहीन मुरझा जाएंगे..

स्वर विरोध के और शांति के अपनी प्रबलता खो देंगे..

किंतु निर्भयता की जलाई अग्नि हमारे हृदय को प्रज्जवलित करेगी..

जलहीन मुरझाए पुष्पों को हमारी अश्रु धाराएं जीवित रखेंगी...

दग्ध कंठ से 'दामिनी' की 'अमानत' आत्मा विश्व भर में गूंजेगी..

स्वर मेरे तुम, दल कुचल कर पीस न पाओगे..

मैं भारत की मां बहन या या बेटी हूं,

आदर और सत्कार की मैं हकदार हूं..

भारत देश हमारी माता है,

मेरी छोड़ो अपनी माता की तो पहचान बनो !!

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