दिल्ली बलात्कार की गूंज संयुक्त राष्ट्र में, प्रदर्शन जारी

बलात्कार दिल्ली
Image caption प्रदर्शनों में महिलाएं भी काफ़ी तादाद में शामिल हो रही हैं.

बलात्कार पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय की मांग को लेकर दिल्ली और मुल्क के दूसरे हिस्सों में प्रदर्शनों का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा. जबकि मामले की गूंज संयुक्त राष्ट्र तक जा पहुंची है जिसने इसे 'क्रूरतम अपराध' क़रार दिया है और इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है.

राजधानी में तमाम कड़ी पुलिस नाकेबंदी के बावजूद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर जा पहुंचे. वहां जमा हुए लोगों में शामिल स्कूली बच्चे और कॉलेजों के छात्र छात्राएं “जस्टिस जस्टिस” के नारे लगा रहे थे.

हालांकि प्रदर्शन दोपहर बाद उस समय हिंसक हो गया जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने जंतर मंतर से कनॉट प्लेस तक एक जुलूस निकालने की कोशिश की. पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो दोनों पक्षों में झड़प हो गई. आखिर स्थिति को काबू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाना पड़ा.

प्रदर्शनों में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के युवा संगठन अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के कार्यकर्ता भी बैनरों के साथ शामिल दिख रहे थे. बीजेपी ने दिल्ली में बंद की अपील कर रखी थी.

'औरतों को सम्मान पाने का हक़'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा है, "औरतों के ख़िलाफ़ हिंसा के मामलों को कभी स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए, उसे किसी भी हालत में माफ़ नहीं किया जाना चाहिए, न ही उसे बर्दाश्त किया जाना चाहिए."

उन्होंने कहा, "ये हर लड़की और महिला का हक़ है कि उनका सम्मान हो और उनकी हिफ़ाज़त की जाए."

बान की मूल का बयान संगठन के प्रवक्ता के ज़रिए जारी किया गया.

संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने भारत सरकार से आग्रह किया है कि वो इस तरह के अपराध को रोकने के लिए क़दम उठाए और और इस मामले के दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले.

भारत में भी अपराधियों को कड़ी से कड़ी सज़ा देने की मांग हर तरफ़ गूंज रही है.

दिल्ली में एक प्रदर्शनकारी लड़की ने कहा, “लोग चाहते हैं कि दुष्कर्म करने वालों के हाथ और पैर काट देने चाहिए और उन्हें जल्दी से जल्दी फांसी पर लटका देना चाहिए”.

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, “हमें समाज की मानसिकता बदलने की जरुरत है. सुबह जब मैं मोमबत्ती लेने दुकान पर गया तो दुकानदार ने कहा कि इन सब से क्या होगा. हमें इस मानसिकता को बदलने की जरुरत है.”

एक और लड़की ने कहा, “दिल्ली पुलिस और दूसरी जगह की पुलिस को तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए. वीआईपी की सुरक्षा में भारी सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं लेकिन आम आदमी के लिए कोई सुरक्षा नहीं है.

हत्या का मुक़दमा

Image caption लोग दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिए जाने की मांग कर रहे हैं.

दिल्ली पुलिस ने बलात्कार के मामले में गिरफ़्तार किए गए छह लोगों के ख़िलाफ़ हमला और हत्या का मामला दर्ज किया है.

पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने कहा है कि इस क़ानून में मौत की सज़ा भी हो सकती है.

दिसंबर 16 को दिल्ली के एक इलाक़े में सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई 23 साल की युवती की मौत शनिवार को सिंगापुर के एक अस्पताल में हो गई थी. उन्हें वहां दिल्ली से इलाज के लिए ले जाया गया था.

युवती के शव को रविवार भोर हवाई जहाज़ के ज़रिए दिल्ली वापस लाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने शव पर पुष्प अर्पित किए.

जिस समय एयर इंडिया का विमान शव को लेकर सिंगापुर से दिल्ली पहुंचा तो एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद थीं जिन्होंने परिवार जनों से मुलाक़ात की.

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