ये तीन हथियार कर सकते हैं बलात्कारी पर वार

Image caption अमरीका में बिना किसी रोकटोक के टेज़र गन का इस्तेमाल किया जा सकता है.

पश्चिमी देशों में अपनी सुरक्षा के लिए महिलाएं कई तरह के तरीकों का इस्तेमाल करती हैं. हालांकि इन तरीकों को कुछ देशों में हथियार की श्रेणी में रखा गया है और इनका इस्तेमाल गैर कानूनी है जबकि कुछ देशों में इनके इस्तेमाल की छूट है.

एक नज़र कुछ ऐसे ही तरीक़ों और हथियारों पर-

टेज़र गन

टेज़र गन से गोलियां नहीं चलतीं बल्कि ये गन बिजली की बौछार करती है. बैटरी से चलने वाली इस गन से गोलियों की तरह तार निकलते हैं जो हमलावर के शरीर में करंट दौड़ा देते हैं. इस बंदूक की मारक क्षमता 35 मीटर तक है जबकि नागरिक इस्तेमाल के लिए बनाई जाने वाली बंदूकों की मारक क्षमता को 15 मीटर तक सीमित किया गया है.

इस गन का इस्तेमाल अधिकतर पुलिस वाले करते हैं और अधिकतर देशों में इसे हथियार के तौर पर मान्यता दी जाती है.

आस्ट्रेलिया के कुछ राज्यों में इसे रखना गैरकानूनी नहीं है लेकिन इसके लिए अनुमति लेनी होती है.

आइसलैंड में टेज़र गन के इस्तेमाल पर कोई रोक नहीं है.

अमरीका में टेज़र गन को हथियार नहीं माना जाता और कोई भी इंसान बिना किसी रोक-टोक के इसे लेकर घूम सकता है. वैसे भारत में ये उपलब्ध नहीं है.

पेपर स्प्रे

Image caption इसराइल बॉर्डर पुलिस के अधिकारी फलस्तीनी प्रदर्शनकारियों पर पेपर स्प्रे का इस्तेमाल करते हुए.

पेपर स्प्रे यानी मिर्ची स्प्रे का आप हमलावर पर छिड़काव कर सकते हैं. जिसके बाद हमलावर अपनी आँखें नहीं खोल पाता है, उसके चेहरे पर तेज़ जलन होती है और सांस लेने में तकलीफ होती है. इस स्प्रे का असर 30-40 मिनट तक रहता है. ये विभिन्न तरीके की पैकिंग और रूप में आता है जिसे आसानी से जेब में रखा जा सकता है.

कुछ खास तरह के पेपर स्प्रे में अल्ट्रा वॉयलेट रंग भी मिलाए जाते हैं जिससे हमलावर अगर भाग पाने में कामयाब हो तो उसे पकड़ने में आसानी हो सके. पेपर स्प्रे के कैन की मार 6-7 फुट तक हो सकती है और ये महिलाओं की सुरक्षा का अहम हथियार माना जाता है.

भारत जैसे देश में इस स्प्रे को सरकारी कंपनियां ही बेच सकती है और आम नागरिक इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. हांगकांग में पेपर स्प्रे को हथियार के तौर पर परिभाषित किया गया है और इसका इस्तेमाल मना है. ईरान में सिर्फ पुलिस ही इस हथियार का इस्तेमाल कर सकती है.

यूरोप में कई देशों में इसे आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है जबकि कुछ देशों में इसके इस्तेमाल पर पाबंदी है.

पावर अलार्म

इस तरह के अलार्म आप अपने बैग में रखकर चल सकते हैं. इनसे तेज़ ध्वनि निकलती है जिसे सहन करना आसान नहीं होता. इस तरह के अलार्म को 400 मीटर तक सुना जा सकता है. इस तरह के अलार्म की क्षमता अलग- अलग हो सकती है और दूर तक खतरे का संकेत पहुंचाने का ये अच्छा साधन है.

माना जाता है किसी दुविधा में शोर मचाना सबसे आसान और असरदार तरीका है और निजी पावर अलार्म ऐसी ही सोच की उपज है. इन्हें आसानी से अपने साथ रखा जा सकता है, इनके इस्तेमाल पर कानूनी रोक नहीं होती और इन्हें रखना सुरक्षित भी है.

इस तरह के अलार्म की आवाज़ कितनी तेज़ हो, ये निर्माता पर निर्भर करता है. इसमें कान के पर्दे फाड़ देने वाली आवाज़ से लेकर दिल दहलाता अहसास करवाने वाली शामिल हैं.