ओवैसी के 'भड़काऊ भाषण' को लेकर सुनवाई शुरू

Image caption अकबरुद्दीन ओवैसी पर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ाने वाले भाषण देने का आरोप.

हैदराबाद हाई कोर्ट में मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लमीन (एमआईएम) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी पर सांप्रदायिक सदभाव बिगाड़ने वाले भड़काऊ बयान देने के लिए दर्ज मामले पर सुनवाई शुरू हो गई है.

अकबरुद्दीन ओवैसी एमआईएम के मुखिया और लोकसभा सांसद असदउद्दीन ओवैसी के छोटे भाई हैं. उन पर राज्य के कई इलाकों में जाकर सांप्रदायिक सदभाव बिगाड़ने वाले भाषण देने के आरोप हैं.

उनके ख़िलाफ़ वकील काशिम सेट्टी करूणा सागर ने बीते शुक्रवार को शिकायत दर्ज कराई थी. मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा है कि अकबरुद्दीन ओवैसी का भाषण दूसरे धर्म और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है और धर्म के आधार पर दो समूहों के बीच सदभाव बिगाड़ने की कोशिश है.

अकबरुद्दीनराज्य के चंद्रायनगट्टा इलाके से विधायक हैं और बीते दो महीनों से राज्य के कई जिलों में दौरा करके आम लोगों को संबोधित कर रहे हैं. उनका संबोधन एमआईएम नेता के चैनल 4टीवी पर प्रसारित हो रहा है.

मोदी पर साधा निशाना

उन पर आरोप है कि अदिलाबाद जिले के निर्मल टाउन में एक आम सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने काफी भड़काऊ बयान दिए. ये बयान यू ट्यूब पर भी मौजूद हैं.

इसके तहत ओवैसी कहते हैं, “इस देश में अभी अफरातफरी का आलम है, किसी को मुल्क की चिंता नहीं है. 25 करोड़ मुसलमानों को पहले तो रिझाया जाता है, झूठे वादे किए जाते हैं और उन्हें बस वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया जाता है.”

इतना ही नहीं उन्होंने ये भी कहा है कि जिस देश में मुसलमानों ने हज़ारों साल तक राज किया वहां उन्हें दूसरे लोगों के दरवाजे पर खड़ा होना पड़ रहा है. ओवैसी के मुताबिक इस देश में केरल और आंध्र प्रदेश को छोड़कर कहीं भी मुसलमानों की आवाज़ को कोई तरजीह नहीं मिलती.

ओवैसी ने अपने बयान में ये भी कहा है कि मुंबई में 1993 में धमाके इसलिए हुए क्योंकि पहले बाबरी मस्जिद गिराई गई.

उन्होंने अपने विवादास्पद भाषण में ये भी कहा है, “पाकिस्तान से आकर मासूमों की हत्या करने वाले अजमल कसाब को तो फ़ांसी पर लटका दिया जाता है लेकिन भारत के अंदर सैकड़ों मुसलमानों की हत्या करने वाले के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई तक नहीं होती.”

अकबरुद्दीन ओवैसी इस बहाने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहते हैं, “गुजरात दंगों के जिम्मेदार नरेंद्र मोदी पर एक मुकदमा तक दर्ज नहीं होता. इतना ही नहीं दंगों के गुनहगार होने के बावजूद वे वज़ीरे आज़म बनने का सपना देख रहे हैं.”

ओवैसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले करुणा सागर ने कहा है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं.

दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी इकाई ने ओवैसी पर आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है.

वहीं सामाजिक कार्यकर्ता शबनम हाशमी ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस थाने में ओवैसी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कराया है.

हाशमी ने पुलिस का ध्यान इस ओर भी दिलाया है कि ओवैसी का भाषण सोशल नेटवर्किंग साइटों के जरिए तेजी से फैलाया जा रहा है.

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