भारत में नहीं इंडिया में होते हैं बलात्कार: भागवत

 शुक्रवार, 4 जनवरी, 2013 को 13:15 IST तक के समाचार
भागवत

भागवत का कहना था कि शहरों में पश्चिमी सभ्‍यता का काफी असर है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के उस बयान से विवाद पैदा हो गया है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा है कि शहरों में ज्‍यादा बलात्‍कार होते हैं और गांवों में रेप की घटनाएं कम होती है.

भागवत का कहना था कि शहरों में पश्चिमी सभ्‍यता का काफी असर है.

खबरों के अनुसार हाल के अपने सिलचर दौरे के दौरान उन्होंने कथित तौर पर कहा, ''इस तरह के अपराध भारत में कम होते हैं और इंडिया में अधिक होते हैं.''

खबरों के मुताबिक उन्होंने इसका विवरण देते हुए कहा, ''आप देश के गांवों और जंगलों में देखें जहां कोई सामूहिक बलात्कार या यौन अपराध की घटनाएं नहीं होतीं. यह शहरी इलाकों में होते हैं. महिलाओं के प्रति व्यवहार भारतीय परंपरागत मूल्यों के आधार पर होना चाहिए.''

"उन्होंने केवल इतना ही कहा है भारतीय परम्परा में महिलाओं का सम्मान होता रहा है. अगर इस सभ्यता या परंपरा से दूर जाएंगे तो आप ऐसे आपराधिक मामलों में संलिप्त होंगे. उनके बयान को अन्यथा लेने की ज़रूरत नहीं है."

संघ के प्रवक्ता राम माधव

संघ के प्रवक्ता राम माधव से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''उन्होंने केवल इतना ही कहा है भारतीय परम्परा में महिलाओं का सम्मान होता रहा है.''

उन्होंने कहा, ''अगर इस सभ्यता या परंपरा से दूर जाएंगे तो आप ऐसे आपराधिक मामलों में संलिप्त होंगे. उनके बयान को अन्यथा लेने की ज़रूरत नहीं है.''

उधर मध्‍य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी एक विवादास्पद बयान देते हुए कहा, ''मर्यादा का उल्‍लंघन होता है तो सीता का हरण होता है. लक्ष्‍मण रेखा हर व्‍यक्ति के लिए खींची हुई है. उस रेखा को कोई पार करेगा तो रावण सामने बैठा है. वो सीता का हरण करके ले जाएगा.''

तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस के नेता दिग्विजय सिंह ने भागवत के बयान की आलोचना की और कहा, ''भारत और इंडिया में कोई अंतर नहीं है. भारत के लोग ही शहर से और शहरों से गांव में आए हैं. इस तरह की घटना कहीं भी हो सकती है. और अगर घटना हो जाए तो इसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए.''

राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ममता शर्मा ने भी इसकी आलोचना करते हुए कहा, ''उन्हें इस मानसिकता से बाहर आना चाहिए. उन्हें पहले गांवों में जा कर देखना चाहिए कि वहां महिलाओं का क्या हाल है.''

पूर्व पुलिस अधिकारी किरण बेदी ने कहा, ''जब आप ज़मीनी सच्चाई से दूर होते हैं तो ऐसी बात करते हैं. बलात्कार के मामले तब रिपोर्ट किए जाते हैं जब इसके लिए पुलिस थानों और डाक्टरों की सुविधा होती है जो भारत में नहीं हैं.''

भागवत के इस बयान की सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.

सोशल मीडिया पर आलोचना

पत्रकार तवलीन सिंह @tavleen_singh ने टवीट् किया, ''वे किस भारत मे रहते हैं. क्यो वो किसी दलित महिला से मिले हैं.''

प्रभात शुंगलू लिखते हैं, ''श्रीमान भागवत, मैं आपका भ्रम दूर कर देता हूँ. इंडिया में रेप होते हैं और भारत में बलात्कार.''

एक अन्य टवीट् में लिखा गया है, ''शायद भागवत यह कहना चाहते हैं कि सभी पुरुष भारत में रहते हैं और महिलाएं इंडिया में.''

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