शादी एक 'सौदा' है: मोहन भागवत

Image caption भागवत के पिछले कुछ बयानों पर भी विवाद हुआ है. तस्वीर पीटीआई

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शादी के रिश्ते पर अपने बयान से एक बार फिर विवाद खड़ा कर दिया है.

भागवत ने विवाह की संस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि शादी तो एक तरह का कॉन्ट्रैक्ट या सौदा होता है.

इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान भागवत ने कहा कि पति और पत्नी एक समझौते के तहत एक दूसरी की ज़रूरतों को पूरा करते हैं.

उन्होंने ये भी कहा कि अगर ये ज़रूरते पूरी नहीं होती है तो दोनों को एक दूसरे को छोड़ देने का हक़ होता है.

सौदा

भागवत ने अपने एक बयान में कहा, "आप लोग इसे विवाह संस्कार कहते होंगे पर ये सौदा है. पति कहता है कि मेरा घर संभालो सुख दो, मैं तुम्हारा पेट पालने की व्यवस्था करूंगा और तुमको सुरक्षित रखूंगा, जब तक पत्नी ऐसी है तब तक पति कांट्रैक्ट पूरी करने के लिए उसको रखता है."

भागवत ने आगे कहा कि अगर पत्‍नी इस समझौते को पूरा नहीं करती है तो पति उसे छोड़ सकता है और अगर किसी कारण पति कांट्रैक्ट पूरा नहीं कर सकता तो पत्नी उसे छोड़ सकती है.

भागवत ने कथित तौर पर ये भी कहा कि महिलाओं को सिर्फ घर के अंदर के काम संभालने चाहिए.

इससे पहले भागवत के उस बयान से विवाद पैदा हो गया है जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा है कि शहरों में ज्‍यादा बलात्‍कार होते हैं और गांवों में रेप की घटनाएं कम होती है.

इस बीच संघ के प्रवक्ता राम माधव ने कहा है कि मीडिया ने मोहन भागवत के बयान को गलत तरीके से पेश किया है.

उनके मुताबिक मोहन भागवत ने पश्चिमी विवाह के संदर्भ में अनुंबध की बात कही थी जबकि समाचार माध्यमों में इसे भारतीय संदर्भों से जोड़कर पेश किया गया.

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