ओवैसी ने हाई कोर्ट में की अपील

अकबरुद्दीन ओवैसी

मजलिस-ए -इत्तेहादुल मुस्लिमीन के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी ने कोर्ट के उस आदेश को हाईकोर्ट मे चुनौती दी है जिसके तहत उनके ख़िलाफ़ कई मामले दर्ज़ किए गए थे.

ओवैसी ने अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए स्थानीय अदालत के निर्देश की वैधता को चुनौती दी है.

इससे पहले लंदन से आज ही लौटे अकबरुद्दीन ओवैसी ने पुलिस से थाने में हाज़िर होने के लिए चार दिन का समय मांगा था.

अकबर के विरुद्ध आंध्र प्रदेश में पुलिस ने सांप्रदायिक नफरत फैलाने के कई मामले दर्ज किए हैं.

हालाँकि आदिलाबाद जिले की पुलिस ने उन्हें आज ही पूछताछ के लिए हाज़िर होने का नोटिस दिया था लेकिन उन्होंनेने अपने वकीलों द्वारा पुलिस को सूचित किया है कि उन्हें हाज़िर होने के लिए चार दिन का समय चाहिए क्योंकि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है.

वापसी के तुरंत बाद डॉक्टरों की एक टीम ने उन की जांच की. दो वर्ष पहले एक जानलेवा हमले में गोलियों के शिकार होने और बुरी तरह घायल होने वाले अकबर अभी भी अपने स्वस्थ के लिए दवाओं पर निर्भर हैं.

बाद में अकबर ने अपने पार्टी के नेताओं और कानूनी विशेषज्ञों से मिलकर आगे की रणनीति पर बात की. कुछ लोगों का कहना है कि उनके खिलाफ मामला अदालत में टिक नहीं पाएगा क्योंकि वोह सोशल मीडिया पर लगाए गए वीडियो पर आधारित है जिसमें काफी काँट छांट की गई और उन के अलग अलग वाकयों को जोड़ा गया.

अकबर पर आरोप है कि उन्होंने गत महीने आदिलाबाद जिले के निर्मल टाउन में अपने भाषण में ऐसी बातें कहीं थीं जिस से हिन्दू और मुसलमानों के बीच नफरत बढ़ सकती है और हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती है.

कानूनी लड़ाई

अकबरुद्दीन और उनके भाई मजलिस के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने अब तक इस मामले पर कोई टिपण्णी नहीं की है. असदुद्दीन ने जो लोक सभा सदस्य भी हैं, कहा की यह मामला अब अदालत के विचाराधीन है इस लिए पार्टी इस का कानूनी रूप से सामना करेगी.

राज्य पुलिस के महा निदेशक दिनेश रेड्डी कह चुके है कि अगर मजलिस के विधायक ने पूछ ताछ में सहयोग नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है.

आदिलाबाद के अलावा निज़ामाबाद जिले और हैदराबाद में अकबर के खिलाफ चार मामले दर्ज किये गए हैं जबकि दिल्ली में भी सामजिक कार्यकरता शबनम हाश्मी की शिकायत पर पुलिस ने एक और मामला दर्ज कर लिया है.

इस बीच हैदराबाद की एक अदालत उस याचिका की कल सुनवाई करेगी जिसमें विश्व हिन्दू परिषद् के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीन तोगड़िया के विरुद्ध करवाई की मांग की गई है क्योंकि उन्होंने गत महीने हैदराबाद में एक भड़काऊ भाषण दिया था. हैदराबाद पुलिस पहले ही तोगड़िया के खिलाफ एक मामला दर्ज कर चुकी है।

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