गैंगरेप सुनवाई के दौरान कोर्ट में हंगामा

साकेत कोर्ट
Image caption साकेत कोर्ट में पुलिस ने जिस दिन आरोप पत्र दाख़िल किया उस दिन वहाँ महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन भी किए थे

दिल्ली में एक बस में एक लड़की के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के पाँच अभियुक्तों को पहली बार सोमवार को अदालत में पेश किया गया है.

बंद कमरे में हंगामे के बीच मामले की सुनवाई हुई है. सुनवाई के लिए अगली तारीख दस जनवरी रखी गई है.

अभियुक्तों के अदालत में पहुंचने से पहले ही मीडिया की उपस्थिति और हो हल्ले को देखते हुए मजिस्ट्रेट नमरिता अग्रवाल ने मामले की सुनवाई बंद कमरे में करने के निर्देश दिए.

मजिस्ट्रेट का कहना था, '' मामला संवेदनशील है और इसे देखते हुए इस मामले की सारी प्रक्रिया कैमरे पर रिकार्ड होगी.''उन्होंने इसके साथ ही उन सभी लोगों को अदालत से बाहर जाने का हुक्म दिया जिनका केस से कोई लेना देना नहीं था. सुनवाई को मीडिया के लिए भी खुला नहीं रखा गया.

मजिस्ट्रेट ने सुनवाई के बाद कहा कि मामले की अगली तारीख 10 जनवरी रखी है. हालांकि अभी ये साफ नहीं है कि मामले की सुनवाई किस फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी. दिल्ली में 16 दिसंबर की घटना के बाद महिलाओं के खिलाफ अपराधों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन हुआ है.

इससे पहले जब एक वकील ने अपराधियों का मामला देखने की पेशकश की तो वकीलों ने उनका विरोध किया.

साकेत कोर्ट जहां मामले की सुनवाई हो रही है वहां के बार एसोसिएशन ने मामले में अपराधियों की तरफ से केस नहीं लड़ने का फैसला किया है.

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे मनोहर लाल शर्मा ने अपराधियों की तरफ से केस लड़ने की पेशकश की तो बाकी वकीलों ने उनका विरोध किया.

मनोहर लाल शर्मा का कहना था, ''हम एक आधुनिक समाज में रह रहे हैं. हम शिक्षित हैं. जिस पर भी आरोप लगा है चाहे वो कोई भी अपराध हो. बचाव उसका क़ानूनी अधिकार है.अगर कोई उसका बचाव नहीं करेगा तो उन्हें न्याय नहीं मिलेगा.''

हालांकि शर्मा सोमवार को इनके ख़िलाफ केस में उनका प्रतिनिधित्व नहीं कर पाए.

अभियुक्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत हत्या, सामूहिक बलात्कार, हत्या की कोशिश, अपहरण, अप्राकृतिक अपराध, डकैती, डकैती के दौरान हिंसा, सबूत मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र जैसी धाराएं लगाई गई हैं.

इस मामले का छठा अभियुक्त जो कि एक किशोर है, उसका मुकदमा जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा.

पुलिस ने राम सिंह, मुकेश सिंह, विजय शर्मा, अक्षय ठाकुर और पवन गुप्ता के ख़िलाफ़ आरोप पत्र दाख़िल किया है.

शुरुआत में तो इनके विरुद्ध बलात्कार का ही आरोप था मगर लड़की की 29 को मौत हो जाने के बाद अब इन लोगों पर हत्या का मुक़दमा भी चलेगा.

पुलिस ने अभियुक्तों के विरुद्ध नाराज़गी को देखते हुए अदालत परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है.

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