भारत का रुख कड़ा, द्विपक्षीय संबंधों पर पड़ेगा असर

  • 9 जनवरी 2013
सलमान ख़ुर्शीद
Image caption सलमान ख़ुर्शीद ने कहा है कि 'इस भड़काऊ कार्रवाई का उचित जवाब दिया जाएगा'

भारत ने कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास दो भारतीय सैनिकों की मौत पर पाकिस्तान से कड़ा विरोध जताया है और कहा है कि ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

भारत का कहना है कि लंबे समय में ऐसी घटनाएं द्विपक्षीय संबंधों को और उन कदमों को प्रभावित करती है जो संबंध सुधारने की दिशा में उठाए गए हैं.

भारतीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने पिछले महीने विश्वास बढ़ाने वाले क़दमों का हवाला देते हुए कहा, ''संघर्षविराम का उल्लंघन अपने आप में ऐसी चीज़ है जो चिंता पैदा करने वाली है. और ये तय है कि अगर निकट भविष्य में न सही लेकिन लंबे समय में इसका असर हमारे संबंधों पर पड़ेगा जिन्हें सामान्य करने के लिए हम इतने प्रयास कर रहे है. ''

भारत ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त सलमान बशीर को भी तलब किया और विदेश सचिव रंजन मथाई ने कड़े शब्दों में उनसे भारत का विरोध जताया है.

मथाई ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त सलमान बशीर से कहा है कि इस तरह की घटनाएं भारत कतई बर्दाश्त नहीं करेगा और पाकिस्तान को नियंत्रण रेखा का सम्मान करना होगा.

हालांकि पाकिस्तान का कहना है कि ये आरोप गलत हैं कि पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सैनिकों की गला काटकर हत्या की है.

पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार का कहना था कि अगर भारत, पाकिस्तान की जांच को नहीं मानता तो पाकिस्तान तीसरे देश से जांच के लिए भी तैयार है.

भारतीय सेना का बयान

दोनों देशों के बीच ये विवाद भारतीय सेना के इस बयान के बाद शुरु हुआ है कि मंगलवार को पाकिस्तान सेना ने दो भारतीय सैनिकों को मार दिया है और एक सैनिक के शव को बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया गया है.

रंजन मथाई और सलमान बशीर के बीच आधे घंटे तक बातचीत हुई जिस दौरान मथाई ने उनसे कहा कि पाकिस्तान के सैनिक ही मेंढर सैक्टर में घुसे थे जहां उन्होंने गश्त लगा रहे भारतीय सैनिकों को निशाना बनाया.

पाकिस्तान ने कहा है कि उसकी कार्यवाही बिना उकसावे की नहीं थी और भारत की ओर से जो कुछ भी कहा जा रहा है वह उसके 'दुष्प्रचार' का हिस्सा है.

पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने कहा है कि उनके देश ने आतंरिक जांच कराई है और भारतीय सैनिकों की हत्या में पाकिस्तानी सेना की कोई भूमिका नहीं है.

उन्होंने कहा, “मैं नहीं जानती कि अब और क्या कहूं. हमने अपनी जांच पूरी कर ली है. अगर भारत को इस पर भरोसा नहीं है तो फिर हम किसी तीसरे पक्ष से निष्पक्ष जांच के लिए तैयार हैं.”

'उचित जवाब देंगे'

इससे पहले, भारत के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि कश्मीर में हुई बर्बर हत्याओं का भारत 'उचित जवाब' देगा जबकि रक्षा मंत्री एके एंटनी ने पाकिस्तान के कदम को अमानवीय करार दिया है.

पाकिस्तान की सेना ने भी भारत के ख़िलाफ़ ऐसे ही आरोप लगाए थे जिसमें उसने कहा था कि भारतीय सैनिकों ने उसके एक सैनिक को मार गिराया जबकि एक सैनिक को घायल किया गया है.

जहां भारतीय सेना ने एक वक्तव्य में कहा है कि पाकिस्तान ने भारतीय सैनिकों को मार कर उसे भड़काने का काम किया है, वहीं पाकिस्तान की सेना का कहना है कि ये पाकिस्तानी सैनिकों की मौत की घटना से ध्यान बंटाने की भारतीय चाल है.

उधर अमरीका ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.

रिश्तों में कड़वाहट

उधर मुख्य विपक्षी दल भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान से दोस्ती बढ़ाने के बजाय उसे वैश्विक स्तर पर शर्मिंदा किया जाना चाहिए.

उनका कहना था, "भारत बड़े उत्साह के साथ बातचीत का दौर आगे बढ़ा रहा था. लेकिन इस चेतावनी के बाद भारत को पाकिस्तान के समक्ष एक लाल रेखा खींचनी होगी. अब पाकिस्तान पर आंख बंद कर भरोसा करना एक भूल होगी."

मारे गए सैनिकों का नाम लांस नायक हेमराज सिंह और लांस नायर सुधाकर सिंह है.

भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में साल 2008 के मुंबई हमलों के बाद कड़वाहट बढ़ी थी, जिसका बुरा असर शांति वार्ता पर भी पड़ा था.

वर्ष 2003 के बाद नियंत्रण रेखा पर कमोबेश शांति रही है. लेकिन नवंबर 2008 में मुंबई में हुए चरमपंथी हमले के बाद भारत ने शांति वार्ता बंद कर दी थी. पिछले साल फ़रवरी में दोनों देशों के बीच एक बार फिर बातचीत शुरू हुई थी.

पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत कुछ ख़ास क़िस्म के नागरिकों के लिए वीज़ा के नियमों में काफ़ी ढील दी गई थी.

भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर इस तरह की गोलीबारी कोई नई बात नहीं है. लेकिन सैन्य घुसपैठ की बात आमतौर पर सामने नहीं आती.

कश्मीर के कुछ हिस्सों पर भारत और पाकिस्तान दोनों ही दावा करते हैं और इसी वजह से दोनों के बीच तनाव बना रहता है.

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