ये एक हमला, पाँच कोशिशों पर पानी फेर देगा?

  • 9 जनवरी 2013
Image caption भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ सकता है तनाव.

भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए बीते साल कई मोर्चों पर एक साथ कोशिशें हुईं.

लेकिन अब नए विवाद से इन कोशिशों पर पानी फिरने की आशंका बढ़ गई है. एक नजर उन पांच कोशिशों पर जो बीते साल भारत और पाकिस्तान के आपसी संबंधों को सहज बनाने की दिशा में उठाए गए थे.

1. उदार वीजा नीति का समझौता

भारत और पाकिस्तान के बीच बीते साल सबसे बड़ा समझौता हुआ. जिसके तहत दोनों देशों ने एक दूसरे देश के नागरिकों के लिए वीजा नीति को उदार बनाने पर सहमति जताई. हालांकि पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक इस समझौते के पक्ष में नहीं थे, यही वजह थी कि इस समझौते पर हस्ताक्षर होने में मार्च 2012 से सितंबर 2012 तक का वक्त लगा. 1974 में बने वीजा नियमों की जगह अब नया नियम लागू हो चुका है. इसमें आवेदन करने वालों के लिए एक नयी सूची जोड़ी गई है जिसके तहत पर्यटक और तीर्थयात्रियों को कहीं आसानी से वीजा मिल सकता है. इसके अलावा युवा, बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी वीजा संबंधी नियमों में ढील दी गई है.

2 . मोस्ट फेवर्ड नेशंस का दर्जा

भारत और पाकिस्तान के बीच 2012 में आपसी संबंध इतने सहज हुए कि पाकिस्तान पहली बार भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशंस दर्जा देने के लिए तैयार हो गया है. हालांकि इसके लिए पाकिस्तान के अंदर काफी विरोध भी देखने को मिल रहा है. भारत 1990 के दशक में पाकिस्तान को मोस्ट फेवर्ड नेशंस का दर्जा पहले ही दे चुका है. लेकिन इस्लामाबाद प्रशासन 2012 में इसके लिए तैयार हुआ. अगर पाकिस्तान भारत को दर्जा देता है तो दोनों देशों के बीच कई उत्पादों का आयात-निर्यात हो सकता है. पाकिस्तान ने अभी करीब 600 उत्पादों को भारत के साथ कारोबार के लिहाज से प्रतिबंधित सूची में रखा हुआ है. तनाव बढ़ने पर हालात ज्यों के त्यों बने रह सकते हैं.

3. आपसी कारोबार पर असर

Image caption दोनों देशों के बीच आपसी कारोबार भी लगातार बढ़ रहा है.

2008 के मुंबई में चरमपंथियों के हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी कारोबार पर ज्यादा असर नहीं पड़ा. दोनों देशों के बीच कारोबारी संबंध लगातार बढ़े हैं. मोटा मोटी अनुमान है कि दोनों देशों के बीच कारोबार तीन अरब डॉलर तक पहुंच चुका है. 2011 के मुकाबले 2012 में भारत ने पाकिस्तान के साथ 93 फीसदी ज़्यादा आयात किया है जबकि 74 फ़ीसदी ज़्यादा निर्यात.

इस आपसी कारोबार को बढा़ने के लिए ही 2012 में दोनों देशों ने अपने अपने यहां की कंपनियों को एक दूसरे देश में निवेश करने की मंजूरी दे दी है. इससे निश्चित तौर पर दोनों देशों की व्यापारिक घरानों को एक नए बाजार में उतरने का मौका मिलेगा. इसके अलावा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नये अवसर भी पैदा होंगे. लेकिन ये सारी उम्मीदें अब खटाई में पड़ सकती हैं.

4. आतंकवाद पर आपसी सहयोग

भारत का आरोप है कि लगातार दबाव के बाद भी पाकिस्तान ने अब तक मुंबई हमलों के अभियुक्तों पर कार्रवाई करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है. लेकिन बीते साल जिस तरह से भारत में मुंबई हमलों में शामिल एकमात्र जीवित चरमपंथी अजमल कसाब को फांसी की सजा दी गई, उस पर पाकिस्तान की ओर से कोई भड़काऊ प्रतिक्रिया नहीं दी गई, उससे लग रहा है कि उस पर मुंबई हमले के अभियुक्तों पर कार्रवाई करने का दबाव लगातार बढ़ रहा है.

साल के अंत में भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जिस तरह से कहा कि 'मैं किस मुंह से पाकिस्तान आऊं', उसने भी पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाया था. लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि भारत और अमरीका के आपसी रिश्ते बेहतर हो रहे हैं. अमरीका भी आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में पाकिस्तान का सक्रिय सहयोग चाहता है. ऐसे भारत और अमरीका के बीच बेहतर होते संबंधों के कारण पाकिस्तान पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए लगातार दबाव बन रहा है.

5. क्रिकेट डिप्लोमेसी

Image caption भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट सीरीज़ को लेकर दोनों देशों में काफ़ी उत्साह था

भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी रिश्तों को मधुर बनाने में क्रिकेट डिप्लोमेसी का इस्तेमाल भी दोनों देश के राजनेता करते रहे हैं. इधर हाल के सालों में पाकिस्तान में इंटरनेशनल क्रिकेट का आयोजन नहीं हो रहा है. ऐसे में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड से क्रिकेट सीरीज़ खेलने की गुजारिश की. भारतीय क्रिकेट टीम के व्यस्त कलैंडर को देखते हुए भी भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने दिसंबर-जनवरी, में दो टी-20 मैच और तीन वनडे मैचों की सीरीज़ का आयोजन किया.

इसे सरकार की ओर से भी मंजूरी मिली थी. क्रिकेट की इस सीरीज़ की कामयाबी के बाद दोनों देशों के बीच मार्च में हॉकी सीरीज़ भी प्रस्तावित है. इस सीरीज़ का आयोजन भी खटाई में पड़ सकता है. इसके अलावा हालात बिगड़ने पर भारतीय क्रिकेट टीम का प्रस्तावित पाकिस्तान दौरा भी खटाई में पड़ सकता है.

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