जज ने ओवैसी से कहा 'राम नाम' के वकील ही बचाने आए हैं

 गुरुवार, 10 जनवरी, 2013 को 16:30 IST तक के समाचार
 अकबरुद्दीन ओवैसी

अकबरुद्दीन ओवैसी गत 14 वर्ष से विधायक हैं

भड़काऊ भाषण के आरोप में गिरफ्तार और आदिलाबाद की जेल में बंद ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के विधायक अकबरुद्दीन ओवैसी को जल्द कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है.

उन्होंने अपनी गिरफ़्तारी को रोकने और अपने खिलाफ एक से अधिक मामले दर्ज किए जाने के खिलाफ आंध्र प्रदेश उच्य न्यायालय में याचिका दाखिल की थी. इस याचिका की सुनवाई अदालत ने चार सप्ताह के लिए टाल दी है. दूसरी ओर पुलिस ने अब ओवैसी के खिलाफ विद्रोह का आरोप भी जोड़ दिया है.

इस बीच हैदराबाद पुलिस ने गुरूवार को विश्व हिन्दू परिषद् के नेता प्रवीन तोगड़िया के खिलाफ भड़काऊ भाषण का एक मामला दर्ज किया है.

एक आम नागरिक ने शिकायत की है कि तोगड़िया ने गत महीने अपने एक भाषण में धमकी दी थी की वो हैदराबाद को दूसरा अयोध्या बना देंगे.

चारमिनार पुलिस स्टेशन ने उन के खिलाफ दो समुदायों के बीच नफरत पैदा करने के आरोप में मामला दर्ज किया है. इससे पहले हैदराबाद ही के चैतन्यपुरी पुलिस स्टेशन ने भी उनके खिलाफ ऐसा ही मामला दर्ज किया था.

ओवैसी के मामले में न्यायाधीश एल नरसिम्हा रेड्डी ने राज्य सरकार और पुलिस को नोटिस जारी किए हैं और उनसे जवाब माँगा है. साथ ही उन्होंने अकबरुद्दीन ओवैसी के भड़काऊ भाषण पर कड़ी आपत्ति भी जताई है.

जस्टिस रेड्डी ने कहा कि उन्होंने अकबरुद्दीन ओवैसी का भाषण यू टयूब पर देखा है और यह बहुत आपत्तिजनक है.

अकबरुद्दीन के बयान पर जस्टिस रेड्डी ने कहा, "अगर मैं अपने अधिकार की हद को लांघ कर कहूँ कि पुलिस एक घंटे के लिए खामोश रहे तो फिर क्या होगा. उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि उन्हें भी जान लेवा हमले में पुलिस ने ही बचाया था".

जज ने ओवैसी के पिता की तारीफ की

"अगर मैं अपने अधिकार की हद को लांघ कर कहूँ कि पुलिस एक घंटे के लिए खामोश रहे तो फिर क्या होगा. उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि उन्हें भी जान लेवा हमले में पुलिस ने ही बचाया था"

न्यायाधीश एल नरसिम्हा रेड्डी

इस मामले में अकबरुद्दीन की तरफ से दो वरिष्ठ वकील डीवी सीताराम मूर्ति और रामचंद्र राव अदालत में पेश हुए.

इस पर जज ने कहा, "आपने राम को भी नहीं बख़्शा और आज दो-दो राम आप को बचाने आए हैं".

जज ने सख्त नाराज़गी जताते हुए कहा, “अकबरुद्दीन ने ऐसी बातें कही हैं जिनसे देश के एक वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुँची है और जो देश को चुनौती देने के बराबर हैं.इसी देश ने आप के पिता और भाई को सांसद बनाया. एक चुने हुए प्रतिनिधि होते हुए इस तरह की बात करना कहाँ तक उचित है".

जस्टिस नरसिम्हा रेड्डी ने अकबरुद्दीन के पिता सलाहुद्दीन ओवैसी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने दो हिन्दुओं को अपनी पार्टी की ओर से हैदराबाद का मेयर बनाया था और धर्मनिरपेक्षता की एक अच्छी मिसाल क़ायम की थी.

जस्टिस रेड्डी का कहना था कि इस के बाद सलाहुद्दीन ओवैसी के बेटे से इस तरह की उम्मीद नहीं थी.

'शैतान सवार था'

आंध्र प्रदेश उच्य न्यायालय में मामले की सुनवाई चल रही है

अपनी बात रखते हुए जस्टिस रेड्डी ने कहा, "हो सकता है कि जिस समय अकबरुद्दीन यह भाषण दे रहे थे उन पर शैतान सवार था. अगर वो खुद गंभीरता से अपना भाषण देखेंगे तो उन्हें पछतावा होगा और वो खुद को सुधार लेंगे".

अकबरुद्दीन के अनुरोध किया था कि एक से ज्यादा पुलिस स्टेशन में उनके विरुद्ध शिकायत दर्ज होने पर रोक लगाईं जाए.

इस पर जज ने कहा कि ऐसा नहीं किया जा सकता क्योंकि हर नागरिक को शिकायत का हक है. तमाम शिकायतों को एक जगह करके वकीलों के अनुरोध पर जज ने कहा कि वो इसे बाद में देखेंगे.

आदिलाबाद जिला पुलिस ने अकबरुद्दीन को मंगलवार को हैदराबाद में गिरफ्तार किया था और वो इस समय 14 दिन की न्यायिक हिरासत में आदिलाबाद की जेल में हैं.

आदिलाबाद पुलिस ने अकबरुद्दीन को सात दिन के लिए पुलिस हिरासत में देने की याचिका भी दाखिल है.

सांप्रदायिकता भड़काने और देश के विरुद्ध युद्ध के आरोपों के बाद अब पुलिस ने अकबरुद्दीन के खिलाफ विद्रोह का मामला भी दर्ज किया है.

आदिलाबाद, निज़ामाबाद, हैदराबाद और दिल्ली के बाद अब वारंगल जिला पुलिस ने भी मामला दर्ज कर लिया है.

इधर अकबरुद्दीन और मजलिस पर दबाव बढाने के लिए भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दल के नेताओं ने देश भर में जगह जगह पुलिस स्टेशनों और अदालतों में ऐसे ही मामले दर्ज करवाने का फैसला किया है.

इन संगठनों ने अब एमआईएम पर प्रतिबंध लगाने की मांग शुरू कर दी है. इसके लिए उन्होंने हैदराबाद में एक बड़ा प्रदर्शन भी आयोजित किया.

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