पाकिस्तानी हमले के लिए भारत ज़िम्मेदार?

 गुरुवार, 10 जनवरी, 2013 को 13:03 IST तक के समाचार
(फ़ाइल)

भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों की सेनाएं तैनात रहती हैं.

भारत से छपने वाले कुछ अखबारों ने नियंत्रण रेखा के पास भारतीय कश्मीर में हुई पाकिस्तान सैनिकों की कार्रवाई के लिए भारतीय सेना को ही ज़िम्मेदार बताया है.

इस कार्रवाई में दो भारतीय सैनिकों की मौत हो गई थी.

‘द हिन्दू’ अखबार में छपी ख़बर में बताया गया है कि पिछले साल सितंबर महीने में एक बुज़ुर्ग महिला के नियंत्रण रेखा पार करने के बाद भारतीय सेना के खेमे में इस इलाके की निगरानी को लेकर शंकाएं पैदा हो गईं.

सूत्रों के हवाले से अख़बार कहता है कि इसके फ़ौरन बाद सेना ने गांव वालों पर नज़र रखने और उनकी आवाजाही नियंत्रित करने के लिए चरौंदा गांव में बंकर बनाने शुरू कर दिए जो कि वर्ष 2003 के युद्धविराम का उल्लंघन था.

‘द हिन्दू’ के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने इस पर अपनी आपत्ति भी ज़ाहिर की लेकिन बंकर बनाने का काम जारी रहा और आखिरकार उन्होंने भारतीय सेना की ओर फायरिंग करनी शुरू कर दी.

'भारत की वजह से बढ़ा तनाव'

‘डीएनए’ अख़बार ने भी पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तानी सेना को उकसाने के लिए भारतीय सेना की ओर इशारा किया है.

गृह मंत्रालय से मिली जानकारी के हवाले से कहा गया है कि ऐसी संभावना है कि पाकिस्तान का हमला दरअसल रविवार को भारतीय सेना की एक टुकड़ी के हमले की जवाबी कार्रवाई हो.

अख़बार के मुताबिक उरी क्षेत्र में भारतीय सेना के इस हमले मे एक पाकिस्तानी जवान मारा गया और नियंत्रण रेखा पर तनाव गहरा गया.

‘डीएनए’ का कहना है कि ये हमला पाकिस्तान की ओर से किसी नीतिगत बदलाव का संदेश नहीं देता बल्कि भारतीय हमले का जवाब-भर है.

'पाक सेना के कमांडो ज़िम्मेदार'

भारत के विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि पाकिस्तानी सैनिकों की कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया गया है.

वहीं ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ अख़बार ने एक अलग तस्वीर खींचते हुए कहा है कि मंगलवार के हमले के पीछे पाकिस्तानी सेना के कमांडो यूनिट – स्पेशल सर्विसिस ग्रुप (एसएसजी) – का हाथ हो सकता है.

सूत्रों के हवाले से अख़बार कहता है कि ये हमला, वर्ष 2000 में एसएसजी द्वारा किए गए हमले से बहुत मिलता-जुलता है.

रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि उस हमले का नेतृत्व इलियास कश्मीरी ने किया था, हालांकि ये साफ नहीं कि कश्मीरी एसएसजी के साथ काम कर रहा था या नहीं.

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ कहता है कि हमलावरों ने काले रंग के कपड़े पहने थे जो कि एसएसजी की यूनिफॉर्म का रंग है

‘दैनिक भास्कर’ अख़बार ने भी काले कपड़ों की यूनिफॉर्म का ज़िक्र किया है. अख़बार का दावा है कि उसके पास रक्षा मंत्री एके एंटनी को थल सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख द्वारा भेजी गई इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट की प्रति है.

इसी का हवाला देते हुए बताया गया है कि “पाकिस्तानी फौज के 653 मुजाहिद रेजीमेंट के सैनिक काले कपड़े में घात लगाकर बैठे थे.”

रिपोर्ट के विवरण में कहा गया है कि पाकिस्तानी सैनिक ने दोनों भारतीय सैनिकों के शव के साथ बर्बर और अमानवीय तरीके का व्यवहार किया.

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