निमंत्रण के बाद, गुजरात में बेइज़्ज़त किया: पाक व्यापारी

 मंगलवार, 15 जनवरी, 2013 को 17:18 IST तक के समाचार

नरेंद्र मोदी के वाइब्रेंट गुजरात में हिस्सा नहीं ले पाए पाकिस्तानी कारोबारी

हाल में पाकिस्तान से व्यापार के सिलसिले में गुजरात आए एक पाकिस्तानी प्रतिनिधि के नेता ने कहा है कि आधिकारिक निमंत्रण के बावजूद उन्हें भारत में बेइज़्ज़त किया गया और पुलिस के बुरे रवैए को देखते हुए अब पाकिस्तानी व्यापारी भारत आने से पहले कई बार सोंचेंगे.

पाकिस्तान केमिकल्स एंड डाइज मर्चेंट्स एसोसिएशन के 22 सदस्यों वाली टीम के चेयरमैन सलीम वली मोहम्मद ने कराची से फ़ोन पर बीबीसी हिंदी से बातचीत में ये बताया है.

उनके अनुसार वे केमिकल्स व्यापारियों से बातचीत के सिलसिले में निमंत्रण पर आए थे. बाद में उन्हें गांधीनगर में हो रहे वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण और पास दिए गए लेकिन सम्मेलन से एक रात पहले पुलिस अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उन्हें वहाँ जाने से रोक दिया और होटल से बाहर न जाने की हिदायत दी.

लेकिन अहमदाबाद पुलिस ने इस बात का खंडन किया कि पाकिस्तानी प्रतिनिधि मंडल को होटल से बाहर जाने से रोका गया. पुलिस के अनुसार वीज़ा नहीं होने के कारण उन्हें 'वाइब्रेंट गुजरात' समारोह में भाग नहीं लेने दिया गया.

"ये हमारे लिए काफ़ी अपमानजनक बात थी. पुलिस ने हमें होटल से बाहर निकलने से भी मना कर दिया. शाएद वो समझते थे कि हम रोकने के बावजूद वाइब्रेंट गुजरात में जाएंगे जबकि हमें उसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी. मैं ने तो उसके पास भी उन्हें लौटा दिए थे."

सलीम वली मोहम्मद, पाकिस्तान केमिकल्स एंड डाइज़ मर्चेंट्स एसोसियेशन के चेयरमैन

महत्वपूर्ण है कि पाकिस्तानी व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ ये सब नेरंद्र मोदी के नेतृत्व वाले गुजरात में हुआ है जबकि बार-बार अपनी पीठ थपथपाते हुए मोदी कहते आए हैं कि पूरे भारत में गुजरात ऐसा राज्य है जहाँ औद्योगिक निवेश और व्यापार का माहौल सबसे बेहतर है.

होटल से बाहर जाने से रोका

सलीम वली मोहम्मद ने बीबीसी से बातचीत के दौरान कहा कि उनके 22 सदस्यों वाले प्रतिनिधि मंडल को अहमदाबाद पुलिस ने होटल से बाहर निकलने से रोक दिया जिसके बाद उन्हें समय से पहले ही पाकिस्तान वापस जाना पड़ा.

कराची से फ़ोन पर बात करते हुए मोहम्मद ने कहा कि उन्हें "वाइब्रेंट गुजरात" कांफ्रेंस के उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लेने से ये कह कर रोक दिया गया कि उनके पास गांधीनगर का वीज़ा नहीं है.

पूरे घटनाक्रम का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा कि वो अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के अधीन काम करने वाली संगठन केमिक्स सेल के निमंत्रण पर एक प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए नौ जनवरी को अहमदाबाद पहुंचे थे.

वली मोहम्मद ने कहा, "दस जनवरी को दो बार अहमदाबाद के पुलिस अधिकारियों ने मुझसे भेंट की. पहली बार उन्होंने तीन अलग-अलग होटलों में ठहरे पाकिस्तानी व्यापारियों का ब्यौरा लिया. शाम में एक वरिष्ठ अधिकारी ने मुझसे होटल रमादा में भेंट की और कहा कि पाकिस्तानी प्रतिनिधि मंडल के सदस्य गांधीनगर नहीं जा सकते क्योंकि आप लोगों के पास वहां का वीज़ा नहीं है."

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 जनवरी को गांधीनगर में वाइब्रेंट गुजरात का उद्घाटन करने वाले थे.

पाकिस्तान के कारोबारी वली मोहम्मद इस पूरे घटनाक्रम से बेहद आहत हैं.

उन्होंने कहा, "ये हमारे लिए काफ़ी अपमानजनक बात थी. पुलिस ने हमें होटल से बाहर निकलने से भी मना कर दिया. शाएद वो समझते थे कि हम रोकने के बावजूद वाइब्रेंट गुजरात में जाएंगे जबकि हमें उसमें कोई दिलचस्पी नहीं थी. मैं ने तो उसके पास भी उन्हें लौटा दिए थे. इस कांफ्रेंस में हिस्सा लेना हमारे कार्यक्रम में शामिल था ही नहीं. 11 जनवरी को तो हम भारतीय व्यपारियों से आपसी व्यापार के विषयों पर बात करना चाहते थे."

रातों रात पाकिस्तान लौटे

पाकिस्तानी कारोबारियों के मुताबिक़ होटल के बाहर पुलिस का पहरा लगा दिया गया. वली मोहम्मद ने बताया, "वे कह रहे थे कि हमारी सुरक्षा के लिए ऐसा किया गया जबकि हमें कोई ख़तरा नहीं था. न वहां कोई प्रदर्शन होने वाला था. वे हमें बाहर जाने से रोकना चाहते थे."

पुलिस के इस व्यवहार पर नाराज़ पाकिस्तानी प्रतिनिधि मंडल ने रातों रात पाकिस्तान लौट जाने का फ़ैसला किया.

वली मोहम्मद ने बताया, "हमने सुबह साढ़े तीन बजे मुंबई के टिकट बुक करवाए और 16 सदस्य 11 जनवरी की सुबह को और मैं बाक़ी लोगों के साथ शाम को मुंबई आया और वहां से हम पाकिस्तान लौट गए."

गांधीनगर का वीज़ा न होने की बात को उन्होंने एक बहाना बताते हुए कहा कि उनके पास अहमदाबाद और सूरत का वीज़ा था और गांधीनगर एक तरह से अहमदाबाद का ही हिस्सा है. वे कहते हैं, "हम भारत सरकार से जानना चाहेंगे कि क्या गांधीनगर के लिए अलग से वीज़ा चाहिए."

यह प्रतिनिधि मंडल उस रासायनिक और डाइज उद्योग से जुड़ा था. इस क्षेत्र में पाकिस्तान का भारत के साथ व्यपार काफ़ी तेज़ी से बढ़ रहा है और अधिकतर पाकिस्तानी कारोबारी इस क्षेत्र में चीन की बजाए भारत से सामग्री का आयात करना चाहते हैं.

लेकिन वली मोहम्मद ने कहा कि जो कुछ पाकिस्तानी प्रतनिधि मंडल के साथ हुआ है उसके बाद अब पाकिस्तानी व्यापारी भारत आने और व्यापार करने से हिचकिचाएंगे और दूसरे क्षेत्रों में भी व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा.
अपमान के साथ व्यापार नहीं.

"पाकिस्तानी कारोबारी गांधीनगर के "वाइब्रेंट गुजरात" समारोह में भाग लेने नहीं जा सके क्योंकि उनके पास वहां का वीज़ा नहीं था. हमने उनसे पूछा था कि क्या वे गांधीनगर के लिए वीज़ा लेना चाहेंगे तो उन्होंने मना कर दिया."

विकास शाह, अहमदाबाद ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर

वे कहते हैं, "हम भारत के साथ व्यापार करना चाहते हैं लेकिन इस तरह के अपमान के साथ नहीं. देखिए जब भारत के व्यापारी हमारे पास आते हैं तो हम उनके साथ कैसा सुलूक करते हैं और किस तरह बढ़-चढ़ कर कर उनका स्वागत करते हैं और यहाँ देखिए कि पुलिस ने हमारे साथ किया किया."

इस पाकिस्तानी प्रतिनिधि मंडल के पास अहमदाबाद, वापी, सूरत, अंकलेश्वर, मुंबई और दिल्ली के लिए ऐसा वीज़ा था जिसके अंतर्गत उन्हें पुलिस को रिपोर्ट नहीं करना पड़ता है. लेकिन वली मुहम्मद का कहना था कि नॉन रिपोर्टिंग वीज़ा देने के बाद पुलिस और इंटेलिजेंस को उनके पीछे लगा दिया गया.

हालांकि वली मोहम्मद ने ये क़्यास लगाने से इंकार कर दिया कि इसके पीछे मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी या उनकी सरकार का हाथ था. उन्होंने कहा कि वे राजनीतिक मामलों में नहीं जाना चाहते.

लेकिन अहमदाबाद पुलिस ने इस बात का खंडन किया कि पाकिस्तानी प्रतिनिधि मंडल को होटल से बाहर जाने से रोका गया. अहमदाबाद के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर विकास शाह ने बीबीसी से कहा कि पाकिस्तानी सदस्यों से पुलिस ने ये कहा था कि अगर वो बाहर जाना चाहते हों तो पुलिस को सूचित करें ताकि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जा सके.

शाह ने ये भी कहा कि पाकिस्तानी कारोबारी गांधीनगर के "वाइब्रेंट गुजरात" समारोह में भाग लेने नहीं जा सके क्योंकि उनके पास वहां का वीज़ा नहीं था. शाह ने कहा, "हमने उनसे पूछा था कि क्या वे गांधीनगर के लिए वीज़ा लेना चाहेंगे तो उन्होंने मना कर दिया."

वली मुहम्मद के इस आरोप पर कि उन्हें होटल से बाहर नहीं जाने दिया गया, विकास शाह ने कहा कि वो उसके बारे में नहीं जानते. उन्होंने कहा, "पाकिस्तानियों ने हमसे कोई शिकायत नहीं की."

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