यौन शिक्षा बयान पर पलटे मुंबई पुलिस प्रमुख

विरोध प्रदर्शन,जंतर मंतर
Image caption दिल्ली में हुए सामूहिक बलात्कार के दोषियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है

महिलाओं पर अत्याचार के लिए सेक्स एजूकेशन यानी यौन शिक्षा ज़िम्मेदार है - एक राष्ट्रीय अख़बार के अनुसार ये वक्तव्य मुंबई पुलिस कमिश्नर सत्यपाल सिंह द्वारा दिया गया है.

लेकिन बीबीसी हिंदी ने सत्यपाल सिंह से उनकी इस टिप्पणी के बारे में जब बात की तो कमिश्नर का कहना था "मैंने ऐसा कुछ नहीं बोला है.बस ये बोला है कि सेक्स एजूकेशन की उम्र तय की जानी चाहिए और सेक्स एजूकेशन से ज़्यादा नैतिक शिक्षा पर ज़ोर देना चाहिए."

सेक्स एजूकेशन की उम्र क्या होनी चाहिए इस पर पुलिस कमिश्नर ने कहा कि ये तो एक बहस का मुद्दा है और ये एक्सपर्ट ही तय कर सकते हैं.

इस पर एड गुरु प्रहलाद कक्कड़ कहते हैं, "मुझे तो लगता है जितनी जल्दी आप सेक्स की जानकारी बच्चों को दे उतना अच्छा है. आज एड्स जैसी बीमारी से पूरा देश दो चार हो रहा है, ऐसे में बच्चों को सेक्स के बारे में बताना और कहना कि सुरक्षित रहो क्या ज़्यादा बेहतर नहीं है?"

टीवी भी ज़िम्मेदार ?

मुंबई पुलिस कमिश्नर का ये भी कहना है कि टीवी चैनलों पर जिस तरह की चीज़े दिखाई जाती हैं उससे समाज में क्या संदेश जाता है इस पर भी ध्यान देने की ज़रुरत है. आज की पीढ़ी इंटरनेट के ज़रिए पॉर्नोग्राफ़ी वेबसाइट देख लेती है, ये भी खतरनाक है.

सत्यपाल सिंह की इस बात से कुछ हद तक सहमति दिखाते हुए मुंबई की प्रसिद्ध आरजे मलिष्का कहती हैं "मैं पुलिस कमिश्नर की बात से बिल्कुल सहमत हूं कि इंटरनेट और टीवी के ज़रिए बच्चे हर तरह की बातों को ग्रहण कर रहे हैं पर सर यही तो कारण है कि उन्हें सेक्स एजूकेशन की ज़्यादा ज़रुरत है."

मलिष्का के मुताबिक "अगर बच्चे ने टीवी या सिनेमा पर ऐसा कुछ देख लिया जो उसे नहीं देखना चाहिए था तो कौन सी ऐसी जगह है जहां उसे पता चलेगा कि क्या सही है और क्या गलत ये जानकारी तो उसे टीचर और माता-पिता द्वारा ही दी जाएगी ना."

शिक्षा में सुधार की ज़रूरत ?

कुछ दिनों पहले मुंबई पुलिस कमिश्नर द्वारा दिए गए एक और बयान की ख़बर आई थी जिसमें उन्होंने कहा था "ज़्यादातर आत्महत्या अंग्रेज़ी माध्यम से पढ़े बच्चे द्वारा की जाती है.मैंने किसी संस्कृत जानने वाले को आत्महत्या करते नहीं सुना."

इस पर बीबीसी से बात करते हुए सत्यपाल कहते हैं "मैंनें ऐसा कुछ नहीं बोला है.बस इतना बोला है कि हमारी एजूकेशन सिस्टम में सुधार की सख़्त ज़रुरत है.नैतिक शिक्षा दिए जाने की आवश्यकता है."

अभिनेत्री पूजा बेदी के मुताबिक "एजुकेशन पर दोष डालने वाले पुलिस अफसर से मैं पूछना चाहूंगी कि हर रोज़ हज़ारों किसान जो आत्महत्या कर रहे हैं क्या वो अंग्रेज़ी माध्यम से पढ़े लिखे हैं या फिर जो अनपढ़ है क्या वो सेक्स जैसी चीज़ों से दूर रहते हैं."

पूजा ने आगे कहा "सेक्स एजूकेशन को आए बहुत ज़्यादा समय नहीं हुआ है.तो उससे पहले जो क्राइम हुए उसके बारे में क्या कहेंगे. मेरी बेटी 10वीं कक्षा में पढ़ती है और कहती है कि सेक्स अवेरनस के बारे में इतना तकनीकी तरीके से बताया जाता है कि कुछ समझ में ही नहीं आता और आप सेक्स एजूकेशन को दोष दे रहे हैं."

बयान देकर पलटने का ये कोई नया मामला नहीं है.दिल्ली सामूहिक बलात्कार मामले के बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से लेकर धार्मिक गुरू आसाराम बापू ने विवादास्पद दिए और बाद में कहा कि मीडिया द्वारा उनकी बात को गलत तरीके से रखा गया है.

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