दिल्ली गैंगरेप केस अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में

  • 17 जनवरी 2013
Image caption अब इस मामले की सुनवाई लगभग रोज़ाना होगी.

दिल्ली में साकेत अदालत ने चर्चित गैंग रेप मामले को फास्ट ट्रैक अदालत में ट्रांसफर कर दिया है.

इस मामले की सुनवाई आगामी सोमवार यानी 21 जनवरी को फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी.

मामले की सुनवाई की शुरुआत अभियुक्तों पर आरोप तय करने से होगी. छठे अभियुक्त की आयु अगर 18 साल से कम साबित हो जाती है, तो उसकी सुनवाई नाबालिगों के लिए बनाई गई अदालत में होगी.

मुख्य अभियुक्त राम सिंह के वकील वीके आनंद का कहना है कि इस महीने के अंत तक इस मामले में हर दिन सुनवाई होने की उम्मीद है.

उन्होंने ये भी कहा कि वे इस मामले को दिल्ली या उत्तर प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगें क्योंकि राम सिंह को नहीं लगता कि दिल्ली में उन्हें इंसाफ मिल पाएगा.

'कई सवाल'

वीके आनंद का मानना है कि दिल्ली में इस केस का फैसला कोर्ट की बजाय मीडिया में किया जा रहा है, जो कि ठीक नहीं है.

अन्य दो अभियुक्त अक्षय ठाकुर और विनय शर्मा के वकील एपी सिंघ ने कहा, "अभी मामले में बहुत से सवाल बाकी हैं. जिन परिस्थितियों में लड़की की मौत हुई, उसके बारे में ज़्यादा जानकारी नहीं दी गई है. हमें तो ये भी नहीं मालूम कि बलात्कार पीड़िता को जब सिंगापुर ले जाया गया, तब तक वो ज़िंदा भी थी या नहीं."

16 दिसंबर 2012 को दिल्ली की बस में एक लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था और उसे गंभीर चोटें आई थीं.

बाद में लड़की की सिंगापुर के अस्पताल में 29 दिसंबर को मौत हो गई थी. इस घटना के बाद दिल्ली में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे और इंसाफ की मांग को लेकर प्रशासन पर खूब दबाव बना था.

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