झारखंड में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश

 गुरुवार, 17 जनवरी, 2013 को 21:05 IST तक के समाचार

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है.

पिछले दिनों राज्य में अर्जुन मुंडा सरकार गिरने के बाद राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो गई थी.

मुंडा को उस वक्त इस्तीफा देना पड़ा जब उनकी सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया.

इसके बाद राज्यपाल सैयद अहमद ने केंद्र सरकार को राज्य के राजनीतिक हालात पर अपनी रिपोर्ट भेजी जिस पर अब केंद्रीय मंत्रिमंडल ने झारखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की है.

सिफारिश

82 सदस्यों वाली राज्य विधानसभा में जेएमएम और बीजेपी के पास 18-18 विधायक हैं जबकि एजेएसयू के छह और जेडीयू के 2 विधायक हैं.

विधानसभा में विपक्षी कांग्रेस के कुल 13 सदस्य है, झारखंड विकास मोर्चा के 11, राष्ट्रीय जनता दल के पांच सदस्य है. इसके अलावा कुछ अन्य और निर्दलीय विधायक भी हैं.

बीबीसी संवाददाता सलमान रावी के अनुसार नवंबर 2000 में गठन के बाद से ही झारखंड समय समय पर राजनीतिक अस्थिरता का शिकार होता रहा है क्योंकि वहां चुनावों में कभी किसी पार्टी या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है.

पिछले दिनों जेएमएम ने 28 महीने पुरानी मुंडा सरकार से समर्थन वापस ले लिया जिसके बाद राज्य की सरकार अल्पमत में आ गई थी.

जेएमएम का कहना है कि बीजेपी से उसका समझौता हुआ था कि दोनों पार्टियां 28-28 महीनों तक सरकार चलाएंगी. लेकिन अर्जुन मुंडा इसके लिए तैयार नहीं हुए.

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