आधी रात से बढ़े डीज़ल के दाम

  • 18 जनवरी 2013
Image caption भारत में इस्तेमाल होने वाले ईंधन का 80 फीसदी आयात के ज़रिए आता है.

आधी रात के बाद से डीज़ल 45 पैसे महँगा हो गया है जबकि पेट्रोल के दामों में 25 पैसे की कटौती की गई है.

फ़िलहाल रसोई गैस और केरोसीन तेल की क़ीमतों में तुरंत कोई बदलाव नहीं किया गया है.

डीज़ल की क़ीमतों को आंशिक रूप से सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने के सरकारी फ़ैसले के बाद आधी रात से ये बदलाव हुए हैं.

इस तरह डीज़ल की क़ीमत अब हर महीने थोड़ी-थोड़ी बढ़ेगी जिससे अचानक क़ीमत ज़्यादा न बढ़ाकर लोगों के ग़ुस्से पर भी लगाम लगाने की कोशिश दिख रही है.

केंद्रीय तेल मंत्री वीरप्पा मोइली ने बताया है कि इस तरह हर महीने थोड़ी-थोड़ी क़ीमत बढ़ाकर तेल कंपनियाँ डीज़ल पर नौ रुपए 60 पैसे प्रति लीटर के नुक़सान की भरपाई कर सकेंगी.

डीज़ल के दामों में इस बढ़ोत्तरी का असर माल-भाड़े पर पड़ेगा जिससे घरेलू इस्तेमाल की चीज़ों की क़ीमतें भी बढ़ सकती हैं.

रसोई गैस

फ़िलहाल ये नहीं बताया गया है कि ये बढ़त कितने महीनों तक चलेगी.

उधर सरकार ने रियायती दरों पर रसोई गैस की सालाना छह सिलिंडरों की संख्या बढ़ाकर नौ करने का भी ऐलान किया है.

माना जा रहा है कि डीज़ल की क़ीमतें बढ़ने से होने वाली नाराज़गी को इस ज़रिए कुछ कम करने की सरकार ने कोशिश की है.

अब लोगों को सितंबर 2012 से मार्च 2013 के बीच रियायती दरों पर पाँच सिलिंडर दिए जाने हैं जबकि एक अप्रैल 2013 से ये संख्या साल में नौ सिलिंडरों की हो जाएगी.

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