'चौटाला अलमारी काटकर सूची बदलना चाहते थे'

 शनिवार, 19 जनवरी, 2013 को 18:51 IST तक के समाचार
ओम प्रकाश चौटाला

ओम प्रकाश चौटाला के परिवार ने घोटाले से जुड़े तमाम आरोपों से इंकार किया है

जेबीटी अध्यापक घोटाला मामले में कथित विसल-ब्लोअर आईएएस अधिकारी संजीव कुमार के अनुसार हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला चाहते थे कि असली सूची को नकली सूची से कथित तौर पर बदलने के लिए अलमारी के पिछले भाग को काट कर यह काम किया जाए.

गौरतलब है कि 3206 अध्यापकों की नियुक्ति के घोटाले में चौटाला और उनके पुत्र तथा तत्कालीन सांसद अजय चौटाला सहित 50 से अधिक लोग दोषी पाए गए हैं. अगले सप्ताह इन्हें सज़ा सुनाई जानी है.

ओम प्रकाश चौटाला के परिवार ने घोटाले से जुड़े तमाम आरोपों से इनकार किया है.

308 पन्नों के अपने फैसले में विशेष सीबीआई जज विनोद कुमार ने अलमारी में बंद सूची को बदलने पर भी बात की है.

अपने फैसले में उन्होंने लिखा कि इसका कोई सीधा सबूत तो नहीं है लेकिन उस समय के प्राथमिक शिक्षा निदेशक संजीव कुमार ने अदालत को बताया कि चौटाला चाहते थे कि अलमारी को पीछे से काटा जाए.

नौकरी पर बरकरार हैं शिक्षक

संजीव कुमार के मुताबिक चौटाला ने यह भी कहा कि काम हो जाने के बाद काटे गए हिस्से की वेल्डिंग करा दी जाए और अलमारी को दीवार के साथ लगा कर रख दिया जाए.

वो बात अलग है कि उनके इस कथित सुझाव को माना नहीं गया.

फैसले के अनुसार कुमार से पहले निदेशक रही रजनी शेखरी सिब्बल ने चौटाला के सूची बदलने के आदेश को नहीं माना था. उन्होंने इस सूची को निदेशालय में रखी अलमारी में रख कर एक चार मीटर का कपड़ा मंगा कर सील किया था.

ये मामला साल 1999-2000 का है.

इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने पाया था कि इन अध्यापकों की नियुक्ति एक फर्जी सूची तैयार करके की गयी थी और इस सूची को चौटाला और उनके पुत्र के आदेश पर बनाया गया था.

फ़िलहाल नियुक्त किए गए अध्यापक अपनी नौकरी पर बरकरार हैं.

लेकिन राज्य की शिक्षा मंत्री का कहना है कि सरकार इनके भविष्य के बारे में कानूनी सलाह लेगी.

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