दिल्ली बलात्कार: नाबालिग है छठा अभियुक्त

 सोमवार, 28 जनवरी, 2013 को 17:06 IST तक के समाचार
दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड

लोगों की यह भी मांग थी कि अगर इस घटना में शामिल छटवां आरोपी किशोर भी साबित हो तब भी उस पर वयस्कों की तरह ही अदालत में मुकदमा चलाया जाए.

दिल्ली जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आज क्लिक करें दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड के अभियुक्तों में से एक के बारे में तय कर दिया है कि वह किशोर ही है.

बोर्ड ने इसी के साथ-साथ दिल्ली सामूहिक रेप केस के पांचवें अपराधी विनय की वो याचिका भी ठुकरा दी कि वह भी किशोर है.

दिल्ली रेप केस के अभियुक्तों में से छठवें अभियुक्त के बारे में उसके वकील ने कहा था कि वह दिल्ली पुलिस के दावे के अनुसार बा क्लिक करें लिग़ नहीं है बल्कि एक किशोर है.

इस अभियुक्त की उम्र के दावे को सिद्ध करने के लिए उसके स्कूल के प्रमाणपत्र भी अदालत के सामने लाए गए, लेकिन इस अभियुक्त का जन्म प्रमाणपत्र ना होने के कारण दिल्ली पुलिस की ने मांग थी कि इस अभियुक्त का बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट या हड्डियों की जांच कराई जाए.

बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट

बोन ऑसिफिकेशन टेस्ट के बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि इस टेस्ट से किसी भी आदमी की उम्र का एकदम सटीक पता नहीं लगता है और दो साल कम या ज़्यादा होने की संभावना हमेशा रहती है.

दिल्ली सामूहिक बलात्कार कांड में शामिल अन्य अभियुक्तों का मुकदमा दिल्ली की एक क्लिक करें फास्टट्रेक अदालत में चल रहा है.

इस अभियुक्त को किशोर करार देने के खिलाफ बहुत सारे स्तरों पर मांग उठ रही थी.

इस घटना के बाद गुस्साए आम लोगों ने मांग की थी कि बलात्कार करने पर अपराधियों को मौत की सज़ा सुनाई जाई. लोगों की यह भी मांग थी कि अगर इस घटना में शामिल छठवां आरोपी किशोर भी साबित हो तब भी उस पर वयस्कों की तरह ही अदालत में मुकदमा चलाया जाए.

अब क्या ?

अब अगर इस दुर्दांत अपराध में अगर इन अभियुक्तों का अपराध साबित हो जाता है तो पांच अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास या फांसी की सज़ा तक हो सकती है लेकिन किशोर करार दी गए इस लड़के को अधिकतम तीन वर्ष तक ही केवल सुधार गृह में रखा जा सकेगा.

पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुब्रमन्यन स्वामी ने खुद बोर्ड के सामने जा कर कहा था कि भारतीय दंड संहिता में इस बात के प्रावधान हैं कि किशोर को जघन्य अपराध की हालत में वयस्क की तरह सज़ा दी जाए.

अदालत के अलावा दिल्ली पुलिस को अब इस किशोर को बोर्ड के सामने भी दोषी करार देना होगा.

इस सामूहिक बलात्कार कांड ने क्लिक करें देश को हिला कर रख दिया था और जनता सड़कों पर उतर आई थी.

इस अपराध में पीड़ित लडकी की मृत्यु और घटना से उपजे जनाक्रोश के बीच भारत सरकार ने देश के एक क्लिक करें पूर्व मुख्य न्याधीश जस्टिस जेएस वर्मा की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था.

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