मोदी की उम्मीदवारी पर एनडीए में घमासान

  • 29 जनवरी 2013
राम जेठमलानी
मोदी की उम्मीदवारी के समर्थन में बयानबाजी का दौर जारी है.

भाजपा और उसकी अगुआई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में नरेंद्र मोदी की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर बयानबाजी का दौर जारी है.

पार्टी से निलंबित नेता राम जेठमलानी ने प्रधानमंत्री पद के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की वकालत करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि नरेंद्र भाई प्रधानमंत्री पद के लिए पूरी तरह से योग्य हैं और 100 फीसदी सेक्यूलर हैं.”

इस बीच शिवसेना ने प्रधानमंत्री पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार के तौर पर सुषमा स्वराज का समर्थन किया है.

शिवसेना के प्रवक्ता और सासंद संजय राउत ने कहा, “हमें लगता है कि सुषमा स्वराज प्रधानमंत्री पद के लिए बेहतर उम्मीदवार हैं”.

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय बाला साहब ठाकरे भी सुषमा को एनडीए की तरफ से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने के पक्ष में थे.

राम और यशवंत

राम जेठमलानी ने कहा कि राजनीतिक बहसों में धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिकता जैसे शब्दों का इस्तेमाल गाली के तौर पर अधिक किया गया है.

जेठमलानी ने कहा कि उनके विचार से प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी को अपना उम्मीदवार चुनाव से पहले घोषित करना चाहिए. इससे लोगों में अनिश्चितता की स्थिति बन रही है.

इससे पहले सोमवार को भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने भी मोदी को प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी का उम्मीदवार घोषित किए जाने की पैरवी की थी.

उन्होंने कहा, “अगर पार्टी मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदावार बनाती है तो भाजपा को चुनाव में बड़ा फायदा होगा. मतदाताओं पर इसका असर पड़ेगा”.

सिन्हा ने जदयू को यह भी सलाह दी थी कि वह मोदी को निशाना न बनाए और भाजपा के फैसले को सदभावना के साथ स्वीकार करे.

इस बीच एनडीए में भाजपा के सहयोगी जद-यू ने यशवंत सिन्हा की मांग को पूरी तरह से खारिज कर दिया है.

सहयोगियों का रुख

मोदी के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं यशवंत सिन्हा.

जदयू के प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने कहा, “इस मुद्दे पर हमें जो कुछ कहना था, हमारे नेता नीतीश कुमार भाजपा को पहले ही कह चुके हैं. नीतीश ने साफ तौर यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार किस तरह का होना चाहिए. गेंद अब भाजपा के पाले में है”.

तिवारी ने कहा, “जदयू यशवंत सिन्हा के बयान को भाजपा का आधिकारिक दृष्टिकोण नहीं समझती. पार्टी को इस मामले में किसी तरह के सुझाव की भी जरूरत नहीं”.

लेकिन एनडीए के सबसे पुराने घटक जदयू ने यह भी कहा है कि प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार भाजपा का ही होना चाहिए.

उधर सिन्हा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा, “इस बारे में कोई दो राय नहीं है कि नरेंद्र मोदी एक लोकप्रिय नेता हैं. लेकिन भाजपा में ऐसे फैसले लेने की न केवल परंपरा ही नहीं है बल्कि एक व्यवस्था भी है. पार्टी की केंद्रीय संसदीय बोर्ड इस बारे में विचार करके निर्णय लेगी”.

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