गैंगरेप: आठ साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनी फरियाद

  • 31 जनवरी 2013
सुप्रीम कोर्ट
Image caption सुप्रीम कोर्ट में केरल हाई कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ 2005 में याचिका दायर की गई थी

केरल के बहुचर्चित सूर्यनेल्ली सामूहिक बलात्कार कांड में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को तगड़ा झटका दिया है.

हाई कोर्ट ने इस सामूहिक बलात्कार कांड में 35 अभियुक्तों को बरी कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि वो इस मामले को नए सिरे से देखे.

जस्टिस एके पटनायक की खंडपीठ ने हाई कोर्ट के फ़ैसले को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में जो भी अभियुक्त ज़मानत पर हैं, उन्हें फिर से अदालत में ज़मानत के लिए अपील करें.

सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट इस निष्कर्ष पर आश्चर्य व्यक्त किया कि लड़की इस मामले में 'इच्छुक सहभागी' थी.

मामला

वर्ष 1996 के इस बहुचर्चित सामूहिक बलात्कार कांड में 16 साल की एक लड़की का 40 दिनों तक 42 लोगों ने बलात्कार किया था.

सूर्यनेल्ली के इडुक्की ज़िले की रहने वाली इस लड़की का वर्ष 1996 में अपहरण कर लिया गया था, फिर उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाया गया और बलात्कार किया गया.

छह सितंबर 2000 को विशेष अदालत ने 35 लोगों को दोषी ठहराते हुए विभिन्न शर्तों पर कठोर कारावास की सज़ा सुनाई थी.

लेकिन केरल हाई कोर्ट ने 35 लोगों को बरी कर दिया और सिर्फ़ एक व्यक्ति को सेक्स व्यापार का दोषी मानते हुए पाँच साल की क़ैद और 50 हज़ार रुपए का जुर्माना लगाया था.

वर्ष 2005 में लड़की के परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट में इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की थी. जहाँ पिछले आठ साल से ये मामला लटका हुआ था. तीन जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने तीन सप्ताह के अंदर इस मामले की सुनवाई की बात कही थी.

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