विश्वरूपम का मामला सुलझ सकता था, अगर....

जयललिता
Image caption जयललिता ने राज्य सरकार पर लगे आरोपों से इनकार किया है.

अभिनेता कमल हासन की विवादास्पद फिल्म विश्वरूपम पर लगी रोक के बाद तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने राज्य सरकार पर लगे आरोपों के जवाब में कहा है कि उनके पास फिल्म पर रोक लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया था.

जयललिता ने कहा कि फिल्म की रिलीज़ के वक्त कमल हासन विश्वरूपम के दृश्यों में किसी तरह के संपादन के लिए तैयार नहीं थे.

उन्होंने कहा कि कई मुस्लिम संगठनों ने विश्वरूपम के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई थी और राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए फिल्म पर रोक लगाया जाना आवश्यक था.

जयललिता ने निजी बदले की भावना से कार्रवाई करने के आरोपों का भी खंडन किया.

उन्होंने कहा, “अभिनेता कमल हासन मेरे प्रतिद्वंदी नहीं है, हमने बदले की भावना से कोई कार्रवाई नहीं की है”.

अपर्याप्त संख्या में पुलिस बल

तमिलनाडु में पुलिस बलों की संख्या का ब्यौरा देते हुए उन्होंने कहा, “इस बात की खुफिया जानकारी थी कि फिल्म की रिलीज से हिंसा भड़क सकती है और इसके बंदोबस्त के लिए राज्य सरकार के पास पर्याप्त संख्या में पुलिस बल नहीं है”.

हासन ने फिल्म की रिलीज को लेकर राज्य में कानून व्यवस्था का भी मुद्दा उठाया था.

इस पर जयललिता ने कहा, “कानून व्यवस्था बनाए रखने का यह मतलब नहीं है कि पहले हिंसा भड़के और फिर उसे रोका जाए. व्यवस्था की बंदोबस्ती का यह मतलब है कि अप्रिय घटना को होने से पहले से उसे रोकने के उपाय किए जाए."

Image caption राज्य सरकार पर लगे आरोपों का जयललिता ने खंडन किया है.

उन्होंने कहा कि विश्वरूपम की शांतिपूर्वक प्रदर्शन के लिए हजारों की संख्या में पुलिस बल तैनात करने पड़ते और पुलिस बलों की अपर्याप्त संख्या की वजह से ऐसा करना व्यावहारिक दृष्टि से मुश्किल था.

जयललिता ने यह स्पष्ट किया कि फिल्म की रिलीज की बात कई दिनों से चल रही थी और कमल हासन के पास मामले को सुलझाने का पूरा समय था.

उन्होंने कहा कि कमल हासन चाहते तो शुरुआत में ही मुस्लिम संगठनों को फिल्म दिखाकर बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश कर सकते थे लेकिन इसमें देर की गई.

जयललिता ने कहा कि अगर मुस्लिम संगठन और कमल हासन बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश करते हैं तो राज्य सरकार इसमें सहयोग करेगी.

कोर्ट ने लगाई रोक

इससे पहले कमल हासन ने फिल्म पर लगी रोक के खिलाफ मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी.

कोर्ट की एकल बेंच ने मंगलवार को फिल्म के रिलीज़ को हरी झंडी दे दी थी लेकिन तमिलनाडु सरकार ने इसे चुनौती दी और बुधवार को मद्रास हाई कोर्ट ने बड़ी बेंच ने एकल जज की पीठ के फैसले को पलटते हुए फिल्म की रिलीज पर फिर से रोक लगा दी.

कमल हासन ने कहा था कि वो मद्रास हाई कोर्ट ने फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं. लेकिन अब उन्होंने फिलहाल ऐसा नहीं करने का फैसला किया है.

इस बीच समाचार एजेंसी पीटीआई ने उत्तरप्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के हवाले से बताया है कि अगर उन्हें लगा कि विश्वरूपम से मुस्लिम समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं तो राज्य में इस पर रोक लगा सकते हैं.

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