'नंगा करके घसीटने के लिए पुलिस ज़िम्मेदार'

  • 4 फरवरी 2013
मिस्र में प्रदर्शन
Image caption मिस्र में राष्ट्रपति मोरसी को तीखा विरोध झेलना पड़ रहा है

मिस्र की राजधानी काहिरा में पुलिस द्वारा नग्न अवस्था में सड़क पर घसीटे गए एक व्यक्ति ने अपने साथ हुए बर्ताव के लिए सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहराया है.

पहले हमादा साबेर ने इसके लिए प्रदर्शनकारियों को जिम्मेदार बताया था.

शुक्रवार को जब राष्ट्रपति भवन के बाहर नाराज़ प्रदर्शनकारी अपना विरोध जता रहे थे तो सरकारी टीवी पर वर्दीधारी अफसरों को साबेर की पिटाई करते हुए दिखाया गया.

पेशे से पेंटर 50 वर्षीय साबेर ने अस्पताल में अपने बिस्तर पर लेटे हुए पहले कहा था कि प्रदर्शनकारियों ने उनके कपड़े उतार दिए और उनकी पिटाई की जबकि पुलिस ने उन्हें आकर बचाया.

लेकिन बाद में उन्होंने अपने साथ हुई बदसलूकी और पिटाई के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया.

साबेर का कहना है कि उनसे ज़बरदस्ती गलत बयान दिलवाया गया.

मिस्र में उथल पुथल

उनके बेटे ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने अब पुलिस पर आरोप लगाए हैं. पुलिस को लगा कि साबेर प्रदर्शन स्थल पर पेट्रोल बम रखे हुए हैं.

Image caption मिस्र इस घटना की चौतरफा निंदा हो रही है

साबेर का कहना है कि पुलिस ने बाद में उनसे माफी मांगी.

राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी ने इस घटना की निंदा की थी और मामले की पूरी जांच के आदेश दिया था, लेकिन सरकार विरोधियों ने इसे 'मानवता के खिलाफ अपराध' बताया.

शुक्रवार को हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस ने पथराव कर रही भीड़ पर आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया. मिस्र में हाल के दिनों में हुई हिंसा में दर्जनों लोग मारे गए हैं.

शुक्रवार को प्रदर्शनों के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई और 50 घायल हो गए.

प्रदर्शनकारी मोरसी पर 2011 की क्रांति के साथ धोखा करने का आरोप लगाते हैं लेकिन राष्ट्रपति इससे इनकार करते हैं.

मिस्र में ताजा तनाव की शुरुआत 24 जनवरी को क्रांति की दूसरी वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर काहिरा में प्रदर्शनों के बाद हुई जो बाद में कई शहरों में फैल गए.