'चमड़ी का रंग कुछ भी, हम किसी के कम नहीं'

नरेंद्र मोदी
Image caption नरेंद्र मोदी ने कॉलेज के विद्यार्थियों से गुजरात के विकास मॉडल पर चर्चा की

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में छात्रों को संबोधित करते हुए भारत के भविष्य और विकास के बारे में अपना दृष्टिकोण रखते हुए कहा है कि देश की सभी समस्याओं का समाधान विकास ही है.

युवाओं को सीधे संबोधित करते हुए विकास के संबंध में उन्होंने बार-बार गुजरात का उदाहरण दिया.

उनका दावा था कि 'गुड गवर्नेंस' (सुशासन) शिक्षा, औद्योगिक, कृषि, निर्यात, सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में बदलाव लाने से ही संभव हैं. इसके लिए उन्होंने भारत को दोबारा ब्रांड करने और तकनीकी बदलाव लाने की पैरवी की है.

एसआरसीसी कॉलेज का स्पोर्टस स्टेडियम जहां मोदी छात्रों को संबोधित कर रहे थे खचाखच भरा था. सैकड़ों की संख्या में छात्र तो कॉलेज के अंदर प्रवेश भी नहीं कर पाए.

मोदी के आने से पहले और उनके रवाना होते समय कई छात्रों ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया. लेकिन इसकी आशंका पहले से ही मोदी के समर्थकों को थी जो इस विरोध प्रदर्शन के खिलाफ तैयारी कर के आए थे. उन्होंने मोदी के हक में नारेबाज़ी की.

भारत की राजनीति पर मोदी का कहना था, "सभी समस्याओं का समाधान विकास है. देश को बर्बाद किया है वोट बैंक की राजनीति ने, यदि देश की राजनीति भी विकास की राह पर चले तो बड़ा बदलाव आएगा. सभी (छात्रों) को लगता है छोड़ो, सब चोर हैं, सब बेकार है....ईश्वर ने क्यों इस देश में पैदा किया...मैं तो पढ़ कर विदेश जाना चाहता हूँ."

चीन को पछाड़ना है तो..

उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत का चीन से मुकाबला है पर भारत इसलिए पिछड़ रहा है क्योंकि हमने तकनीकी विकास पर ध्यान नहीं दिया और बदलती दुनिया में जगह बनाने के लिए तकनीकी विकास अत्यंत जरूरी है.

मोदी ने कहा, "पूरे विश्व को लगता है कि हिंदुस्तान बड़ा बाजार है. हमें तय करना है कि हम दनिया को बाजार बनाकर दुनिया का मैन्यूफैक्चरिंग हाऊस बनेंगे."

भारत के बारे में पुरानी धारणाओं पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा, " देश का नौजवान स्नेक चार्मर नहीं, माऊस चार्मर, कंप्यूटर के माऊस से पूरी दुनिया को नचाता है. हमारी चमड़ी का रंग कुछ भी हो, हम किसी के कम नहीं. यदि हमें 21वीं सदी में चीन से स्पर्धा करनी है तो हमें स्किल, स्केल और स्पीड की जरूरत है."

'पूरे देश में निराशा'

Image caption नरेंद्र मोदी के कॉलेज में आने पर कुछ छात्रों ने विरोध प्रदर्शन भी किया.

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, "पूरे देश में इस समय निराशा का माहौल है. आजादी के साठ साल बीत चुके हैं लेकिन हमें सुराज आज तक नहीं मिल सका है."

उन्होंने कहा कि गुजरात कृषि प्रधान राज्य नहीं हैं, बावजूद इसके गुजरात की अर्थव्यवस्था में कृषि का योगदान एक तिहाई है.

उन्होंने कहा, "गुजरात के इधर रेगिस्तान है तो उधर पाकिस्तान. लेकिन फिर भी राज्य में 10 फीसदी कृषि वृद्धि दर दर्ज की जाती है."

मोदी ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि इक्कीसवीं सदी भारत की सदी है. उनका कहना था, " है कि इक्कीसवीं सदी एशिया की सदी है, कोई कहता है कि इक्कीसवीं सदी चीन की है. लेकिन इक्कीसवीं सदी हिन्दुस्तान की सदी है, इस पर हमारा भरोसा इसलिए है क्योंकि जब-जब मानव जाति ने ज्ञान के युग में प्रवेश किया है तब-तब भारत ने दुनिया का नेतृत्व किया है. इक्कीसवीं सदी ज्ञान की सदी है, इसलिए ये हिन्दुस्तान की सदी बन सकती है और इसकी सामर्थ्य हमारे नौजवानों में हैं."

उन्होंने कहा कि ये हमारे लिए अत्यंत उत्साह की बात है कि हिन्दुस्तान में युवाओं की सबसे बड़ी फौज है.