महाराष्ट्र धुले दंगा: छह पुलिसकर्मी हिरासत में

Image caption मुंबई के छह पुलिसकर्मियों को दंगा भड़काने के आरोप में हिरासत में लिया गया.

महाराष्ट्र के धुले के मछली बाजार में बीते छह जनवरी को हुए दंगे में बर्बरता फैलाने के आरोप में छह पुलिसकर्मियों को हिरासत में लिया गया है.

राज्य के पुलिस महानिदेशक (कानून- व्यवस्था) जावेद अहमद के मुताबिक चार राज्य रिजर्व पुलिस बल के जवान और दो महाराष्ट्र पुलिस के कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है.

इन पर संपत्ति की लूट और नुकसान करने का आरोप है. इन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 380 और 461 के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं. स्थानीय अदालत के निर्देश के बाद इन्हें एक दिन के लिए रिमांड पर भेज दिया गया है.

अगर इन पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप सही साबित होते हैं तो इन्हें कम से कम सात साल की सजा हो सकती है.

दंगे की चपेट में आए एक पीड़ित ने संपत्ति का नुकसान करते हुए पुलिसकर्मियों की वीडियो क्लिप मोबाइल फोन से बनाई थी. इस वीडियो से जाहिर होता है कि पुलिसकर्मी संपत्ति की तोड़ फोड़ कर रहे हैं और कमर के ऊपर फ़ायरिंग कर रहे हैं.

जबकि पुलिस के प्रावधानों के मुताबिक कानून और व्यवस्था कायम रखने के लिए फ़ायरिंग कमर से नीचे करनी होती है ताकि लोगों को कम से कम नुकसान हो.

वीडियो बना सबूत

इलाके में तथ्यों की छानबीन करने वाली नागरिक समिति ने इस वीडियो को सार्वजनिक किया है.

पुलिसकर्मियों की वीडियो में चार अन्य लोग भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि इनमें तीन लोग स्थानीय टीवी चैनलों के पत्रकार बताए जा रहे हैं जबकि एक अन्य शख्स के बारे में अब तक जानकारी नहीं मिली पाई है.

दंगे की शुरुआत एक रेस्टोरेंट में दो गुटों के बीच आपसी विवाद से हुई. इसमें एक गुट का कहना था कि दूसरे ने खाने के बाद भुगतान नहीं किया है.

इस मामूली बात पर हुई कहासुनी हाथापाई में तब्दील हुई. जल्दी ही यह सांप्रदायिक दंगे में बदल गई.

अधिकारियों के मुताबिक इस दंगे में 40 मुस्लिम परिवार और 17 हिंदू परिवारों के घर तबाह हुए. इस दंगे में छह लोगों की मौत हुई थी और 200 लोगों घायल हुए थे.

दंगे में प्रभावित परिवारों का आरोप है कि पुलिस की बर्बरता के चलते उनके परिजनों की मौत हुई है. राज्य सरकार ने इस मामले की जांच के लिए सेवानिवृत न्यायाधीश की अध्यक्षता न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं.

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