महाकुंभ के दौरान अपराध हुए कम

कुंभ, पुलिस
Image caption इलाहाबाद में पुलिस काफ़ी सतर्क है और जगह-जगह पर गाड़ियों की चेकिंग हो रही है

महाकुंभ के दौरान इलाहाबाद शहर में देश-दुनिया से करोड़ों लोग पहुँचते हैं तो ये सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या इस पूरे समय में शहर में होने वाले अपराधों पर भी कोई असर पड़ता है?

एक ओर लगता है कि इतने ज़्यादा लोगों के आने से शायद अपराध बढ़ जाते हों, मगर दूसरी ओर ये भी सवाल उठता है कि इतने बड़े धार्मिक आयोजन के बीच क्या लोगों में धार्मिक प्रवृत्ति इतनी आ जाती है कि वे अपराध से कुछ समय के लिए दूर हो जाते हैं?

जब इस सवाल का जवाब तलाश करने की कोशिश की तो कुछ मिली-जुली तस्वीर सामने आई. लूट-पाट, छेड़-छाड़ और चेन स्नैचिंग की घटनाओं में जहाँ इस दौरान कमी दर्ज की गई है तो वहीं हत्या की घटनाओं की दर जस की तस बनी हुई है.

शहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक यानी एसएसपी मोहित अग्रवाल अपराधों में आई इस कमी को धार्मिक रूप से जोड़ने से परहेज़ नहीं करते.

'धार्मिक माहौल का असर'

अग्रवाल ने कहा, “शहर में इस समय एक धार्मिक माहौल चल रहा है. जगह-जगह भजन-कीर्तन और भंडारे चल रहे हैं. लोगों में एक धार्मिक भावना है. इसका प्रभाव आम लोगों पर भी पड़ा है.जो यहाँ पर छेड़खानी की घटनाएँ होती थीं उसमें भी कमी आई है और इस तरह की घटनाएँ दर्ज नहीं हो रही हैं.”

वह कहते हैं, “आम लोगों का इस समय आध्यात्म की तरफ़ ज़्यादा ध्यान है. ये भी एक कारण हो सकता है अपराधों में कमी आने का.”

दरअसल इलाहाबाद शहर में आम तौर पर चेन स्नैचिंग की जो 10 घटनाएँ होती हैं वो जनवरी में घटकर एक हो गई. वहीं लूटमार की आम तौर पर 2-3 वारदात दर्ज होती थीं मगर जनवरी में एक भी ऐसी घटना दर्ज नहीं हुई.

कुंभ क्षेत्र में अपराध

Image caption इलाहाबाद के एसएसपी मोहित अग्रवाल कहते है कि ज्यादा पुलिस बल के होने से अपराध कम हो रहे हैं

मगर जो लोग सिर्फ़ धर्म-कर्म से मक़सद से महाकुंभ पहुँचे हैं वहाँ उनके बीच भी अपराध हुए हैं. मेला क्षेत्र में पुलिस बल के जनसंपर्क अधिकारी सुनील दत्त दुबे ने बताया, “अब तक मेला क्षेत्र में छोटी-मोटी चोरियों की घटनाएँ ही दर्ज हुई हैं.”

दुबे ने बताया कि मेला क्षेत्र में गैंग काम करते हैं और चोरियों को अंजाम देते हैं. उनके अनुसार दक्षिण भारत से आया एक गैंग और एक गैंग उत्तर प्रदेश के गोंडा ज़िले का इस दौरान पकड़ा गया है.

ज़्यादा पुलिस बल

इधर इलाहाबाद के एसएसपी अग्रवाल ने ये भी माना कि अपराधों में कमी आने की एक और बड़ी वजह शहर में पुलिस बल की बड़े पैमाने पर मौजूदगी हो सकती है.

उन्होंने कहा, “कुंभ को लेकर इलाहाबाद में पुलिस काफ़ी सतर्क है और जगह-जगह पर गाड़ियों की चेकिंग हो रही है. शहर में घुसने से पहले गाड़ियाँ तीन बार चेक हो रही हैं. उसकी वजह से अपराध की दर में कमी आई है.”

अग्रवाल ने बताया कि भारी मात्रा में चरस, गाँजा और अवैध शराब भी इस दौरान बरामद हुई है. उनके अनुसार कई जगह हथियार भी बरामद हुए, “इस सतर्कता और अतिरिक्त बल की वजह से कई अपराधी गिरफ़्त में आए हैं.”

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