अहमदाबाद: बम धमाकों के अभियुक्तों ने खोदी जेल में सुरंग

Image caption भारतीय जेलों में सुरंग खोदे जाने के किस्से कम ही सुनने को मिले हैं

गुजरात सरकार के मुताबिक़ साबरमती जेल तोड़ने की एक बड़ी साज़िश को नाकाम कर दिया गया है.

जेल अधिकारियों के अनुसार अहमदाबाद सीरियल बम विस्फोटों के विचाराधीन कैदियों ने जेल में 18 फुट लंबी सुरंग खोद दी थी.

राज्य के गृह मंत्री रजनीकांत पटेल ने सोमवार सुबह एक उच्च स्तरीय बैठक की और मामले की जांच के आदेश दिए.

जेल अधिकारियों के अनुसार सुरंग खोदने वाले आरोपी 26 जुलाई, 2008 को सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में अभियुक्त हैं.

इन बम धमाकों में 51 लोगों की मौत हो गई थी.

इस मामले के सभी अभियुक्तों को साबरमती सेंट्रेल जेल में रखा गया था और सुरक्षा कारणों से मामले की सुनवाई जेल में कराने के आदेश दिए गए थे.

साबरमती जेल अधीक्षक वी एम पार्घी ने कहा, “बैरेक नंबर 14 के पास हमें ये सुरंग मिली. इस बैरक में सीरियम बम विस्फोट के अभियुक्तों को रखा गया है.”

कैसे चला पता?

रविवार की देर रात बैरेक नंबर 4 के पास दो कैदियों को संदिग्ध स्थिति में देखा गया था.

पड़ताल की गई तो बैरेक के अंदर से सुरंग खोदे जाने का पता चला.

जेल अधीक्षक ने बताया कि सीरियल बम विस्फ़ोट के 68 में से 14 अभियुक्त इसी बैरेक में बंद थे.

अब ये जांच की जा रही है कि ये सुरंग कब से खोदी जा रही थी और इसमें कौन-कौन शामिल था.

पार्घी का कहना है कि उन्हें अभी तक मौका-ए-वारदात से सुरंग खोदने का कोई औज़ार नहीं मिला है लेकिन उन्हें लगता है कि कैदी खाने की प्लेटों और लकड़ी से सुरंग खोद रहे थे.

पार्घी ने इस बारे में और जानकारी देने से इंकार कर दिया.

साबरमती जेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पीसी ठाकुर ने कहा, “इन कैदियों ने बैरेक के बाहर बागवानी की ड्यूटी के लिए अपनी इच्छा ज़ाहिर की थी. इसकी आड़ में खुदाई से निकली मिट्टी वे यहां डाल रहे थे.”

अहमदाबाद से वरिष्ठ पत्रकार अजय उमठ ने बीबीसी को बताया कि अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने तफ़्तीश शुरू कर दी है.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मामले की जांच कर रहे हैं.

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