1965 और 1971 की लड़ाइयां लड़े हैं त्यागी

  • 17 फरवरी 2013
sp tyagi
Image caption पू्र्व वायुसेना प्रमुख एस पी त्यागी हेलिकॉप्टर सौदे में करोड़ों रुपए की रिश्वत लेने के आरोपों का सामना कर रहै हैं

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित देश के अति विशिष्ट व्यक्तियों के लिए खरीदे जा रहे 12 हेलिकॉप्टरों की खरीद में करोड़ों रुपए की दलाली खाने के आरोप में घिरे वायुसेना के पूर्व प्रमुख एस पी त्यागी ने 1965 और 1971 में पाकिस्तान के ख़िलाफ युद्धों में हिस्सा लिया था.

मध्य प्रदेश की व्यावसायिक नगरी इंदौर में जन्मे त्यागी ने 31 दिसंबर 1963 को बतौर फ़ाइटर पायलट वायुसेना में कमीशन लिया था.

दो वर्ष बाद ही उन्हें कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ जंग में हिस्सा लेने का मौका मिला था और फिर उन्होंने 1971 में बंगलादेश की लड़ाई में शिरकत की थी.

त्यागी कुछ समय सऊदी अरब में भारतीय दूतावास में सैन्य अधिकारी भी रहे.

भारतीय सशस्त्र सेनाओं में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें 1994 में अति विशिष्ट सेवा पदक और 2003 में परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था.

रिश्वत लेने का आरोप

वो 31 दिसंबर 2004 को देश के 20वें वायुसेना प्रमुख बने और 2007 में सेवानिवृत्त हुए. त्यागी का नाम उस समय सुर्ख़ियों में आया जब इटली की एक कंपनी से तीन हज़ार छह सौ करोड़ रुपए में 12 हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए हुए सौदे में उन पर दलाली खाने का आरोप लगा.

इटली में एयरोस्पेस और रक्षा उपकरणों के निर्माण से जुड़ी कंपनी फिनमैकेनिका के मुखिया ग्विसेप्पे ओरसी की गिरफ्तारी के बाद त्यागी का नाम सामने आया.

हालांकि पू्र्व वायुसेना प्रमुख ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि वो किसी तरह की जांच का सामना करने के लिए तैयार है.

इस बीच, भारत सरकार ने इस विवादास्पद सौदे को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और मामले की पड़ताल के लिए सीबीआई और रक्षा मंत्रालय की एक संयुक्त टीम को इटली भेजा जा रहा है.

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