महाकुंभ भगदड़ की न्यायिक जाँच का आदेश

भगदड़
Image caption महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ में 38 लोग मारे गए थे

उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ मेले के दौरान इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर हुई भगदड़ की न्यायिक जांच का आदेश दिया है. इस भगदड़ में 38 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी.

प्रमुख गृह सचिव आरएम श्रीवास्तव ने एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी है.

इससे पहले राजस्व परिषद के चेयरमैन जगन मैथ्यूज को जांच सौंपी गई थी.

लेकिन मेले में भारी भीड़ और स्थानीय अधिकारियों की व्यस्तता के कारण अभी वह जांच नही शुरू कर सके थे.

भगदड़ के बाद का दृश्य

इस बीच विपक्षी दलों ने न्यायिक जांच की मांग शुरू कर दी. इस समय विधान मंडल का अधिवेशन चल रहा है.

निर्णय

समझा जाता है कि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा. इससे बचने के लिए न्यायिक जांच का निर्णय लिया गया.

याद दिला दें कि मौनी अमावस्या के दिन यानी 10 फरवरी को तीन से चार करोड लोगों ने गंगा स्नान किया था. मेले से वापस घर जाने के लिए भारी संख्या में लोग रेलवे स्टेशन गए.

लेकिन वहाँ भीड़ को नियंत्रित करने का ठीक इंतजाम नही था. इसके अलावा मेला स्पेशल ट्रेनों का प्लेटफार्म बदल दिया गया. इससे यात्री रेलवे फुट ओवर ब्रिज से एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने लगे. अचानक कुछ लोग सीढियों से गिरे और भीड़ उनको कुचलती चली गई.

रेलवे ने स्टेशन पर एम्बुलेंस आदि का भी इंतजाम नही किया था और घायलों को तीन घंटे तक प्राथमिक उपचार या राहत सहायता नही मिल सकी.

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