'हिंदू आतंकवाद' के बयान पर शिंदे को अफ़सोस

भारतीय संसद
Image caption शुक्रवार को संसद का बजय सत्र शुरू होने जा रहा है.

गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने 'हिंदू आतंकवाद' से जुड़े बयान के चलते संसद न चलने देने की भाजपा की धमकी के बाद उस बयान पर अफ़सोस जताया है.

शिंदे ने कहा, "आतंकवाद को किसी भी धर्म से जोड़ने की मेरी कोई मंशा नहीं थी, और जयपुर में पिछले महीने मैंने कुछ संगठनों के संबंध चरमपंथी संगठनों से होने की जो बात कही थी, असल में उसका कोई आधार नहीं है और मेरे इस बयान से एक ग़लतफ़हमी पैदा हुई.''

शिंदे के इस तरह अफ़सोस जताने के बाद भाजपा के तेवर नर्म पड़ने की उम्मीद की जा रही है.

बीजेपी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने शिंदे के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि, गृहमंत्री की ये सफाई और पहले आ जानी चाहिए थी क्योंकि इसमें हुई व्यर्थ की देरी ने पाकिस्तान में बैठे चरमपंथियों को खुश होने की एक वजह दे दी थी.

इससे पहले कंग्रेस के जयपुर चिंतन शिविर में गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के ‘हिंदू आतंकवाद’ वाले बयान पर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का आयोजन किया था.

भाजपा ने गृहमंत्री के ‘ हिंदू आतंकवाद’ वाले बयान पर माफी की मांग की जबकि प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद को सुचारु रूप से चलाने की जिम्मेदारी सभी पार्टियों की है.

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने संसद को सुचारु रूप से चलाने के लिए गृहमंत्री से बयान वापस लेने की मांग की थी.

वहीं बजट सत्र की शुरुआत के पहले लोकसभा अध्यक्ष द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, “हम सकारात्मक और नतीजे देने वाली बहस को लेकर गंभीर हैं ताकि देश के सामने मौजूद समस्याओं के हल पर सहमति बनाई जा सके... संसद को सुचारु रूप से चलाने की जिम्मेदारी सभी पार्टियों पर है.”

भाजपा की प्रतिक्रिया

भाजपा के धरना प्रदर्शन में राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा है, “इसका कोई सबूत आपके पास नहीं है. आपके वक्तव्य में कोई सच्चाई नहीं है तो फिर इस देश के गृहमंत्री के तौर पर आपका पहला दायित्व है कि संसद का सत्र शुरू होते ही या शुरू होने से पहले अपना वक्तव्य वापस लें. देश के समक्ष कहें कि मैंने गलत बयान दिया था और इस देश से माफी मांगें”

सर्वदलीय बैठक के बाद सुषमा स्वराज ने कहा, “अगर हम आतंकवादी संगठन हैं और आतंकी शिविर चलाते हैं तो मुझे नेता प्रतिपक्ष रहने का कोई अधिकार नहीं है. भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों को सदन में बैठने का कोई अधिकार नहीं है फिर गृहमंत्री को हमारे ऊपर आतंकवादियों के खिलाफ जो कार्रवाई की जाती है, वह करनी चाहिए. इसलिए हमें आपका संरक्षण चाहिए. पहले आप इसका निराकरण करवाएँ.”

बीजेपी नेता प्रकाश जावड़ेकार ने बीबीसी हिंदी से बातचीत करते हुए कहा, ''हमारी पार्टी गृहमंत्री की माफी के बाद जल्द ही इस मुद्दे पर अपना औपचारिक फैसला लेगी. संसद के आगामी सत्र में बीजेपी कांग्रेस को महंगाई, भ्रष्टाचार और किसानों एवं मज़दूरों के मुद्दे पर घेरने की पूरी तैयारी कर के आएगी.''

उधर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे के भगवा आतंकवाद वाले बयान को वोटबैंक के आधार पर देश को बांटने की साज़िश का हिस्सा बताया.

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