कुंभ के बगुला भगतों से सावधान!

  • 21 फरवरी 2013
Image caption कुंभ मेले में पुलिस अधीक्षक आर के एस राठोर बराबद सामान दिखाते हुए

इन दिनों इलाहाबाद में महाकुंभ मेला चल रहा है. लेकिन कुम्भ में केवल साधू- महात्मा, संत, श्रद्धालु और व्यापारी ही नहीं आए. देश के विभिन्न प्रांतों से चोर उचक्कों के गिरोह भी संगम तट पर पहुंचे हुए हैं.

ये तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर पलक झपकते ही तीर्थ यात्रियों का पर्स और क़ीमती सामान गायब कर देते हैं. पुलिस का कहना है कि अब तक ऐसे डेढ़ सौ से अधिक चोर और उठाईगीर गिरफ्तार किए गए हैं.

वसंत पंचमी के दिन तीसरे पहर शाही स्नान समापन की ओर था. संगम पर बने कंट्रोल टावर पर बैठे अधिकारी थकान मिटाने अपने कैम्प की तरफ जा रहे थे.

उनसे बात करके मैं गंगा जी की तरफ मुड़ा तो अचानक निगाह पड़ी पुलिस कैंप की एक दीवार पर. यहाँ रस्सी के सहारे ढेर सारे कपड़े और बैग टंगे थे.

मैंने कौतूहलवश कुंभ मेले के पुलिस कप्तान आरकेएस राठोर से पूछ लिया कि ये सब क्या है?

पता चला कि यह सब सामान चोरी का है जो पुलिस के लोगों ने बरामद किया है. ड्यूटी पर तैनात पुलिस वालों ने दिखाया कि ऐसा ही ढेर सारा सामान कैंप के अंदर और संगम थाने पर रखा है ताकि लोग आएं और अपना सामान पहचान कर ले जाएं.

उचक्कों के नुस्खे

मैं पुलिसवालों से बात ही कर रहा था तभी एक भुक्तभोगी महिला आ गई जिसका पर्स थोड़ी देर पहले छीना गया था.

इस महिला ने पुलिसवालों को बताया कि शोर मचाने पर चोर को पकड़ लिया गया है, मगर वह कबूल नहीं रहा है.

पुलिस अफसरों ने भरोसा जताया कि उससे थाने में अच्छी तरह से पूछताछ करके सामान बरामद कर लिया जाएगा.

दरअसल ये लोग समूह में काम करते हैं और सामान तुरंत एक हाथ से दूसरे हाथ कर देते हैं.

पुलिस अफसर अजीत कुमार सिन्हा ने बताया, “ये गिरोह महाराष्ट्र के नासिक और हैदराबाद जैसी दूर-दूर की जगहों से आए हैं और ये नए-नए हथकंडे अपनाकर लोगों को ठग रहे हैं. इनमें महिलाएं भी हैं.”

उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि इनमें से एक किसी तीर्थयात्री को पूजा के लिए फूल का दोना देकर बात में उलझाएगा. ध्यान बंटते ही दूसरा साथी सामान गायब कर देगा.

कभी ये किसी यात्री के सिर पर कोई गंदी चीज फेंक देंगे. यात्री सामान रखकर उसे साफ़ करने लगेगा. इस बीच गिरोह के लोग मौका पाकर सामान गायब कर देंगे.

Image caption चोर-उचक्के बिहार की सुशीला सिन्हा का सामान लेकर चंपत हो गए.

एक और तरीका यह कि गिरोह के लोग दस या बीस रूपये का नोट गिराकर यात्री से कहेंगे कि उनका नोट गिर गया है. यात्री जैसे उधर ध्यान देंगे ये उसका सामान साफ़ कर देंगे.

महिलाओं का गिरोह भी

महिलाओं का एक गिरोह स्नान करके लौटी किसी महिला को चारों ओर से चादर से ढक लेता है. ये महिलायें कहती हैं कि बहन जी आप ठीक से कपड़ा पहन लीजिए. फिर उन्हीं में से एक महिला की जंजीर खींच कर गायब हो जाती है.

इन ठगों पर निगाह रखने और सामान बरामद करने के लिए सादी वर्दी में साथ पुलिस कर्मचारी लगाए गए हैं.

लेकिन इनके शातिर हथकंडों से पुलिस वाले भी हतप्रभ हैं.

पुलिस अफसर अजीत कुमार सिन्हा मुझसे बात कर रहे थे तभी ठगी की शिकार एक और महिला बिहार के भागलपुर की सुशीला सिन्हा वहां आ गईं. सुशीला सिन्हा ने बताया कि एक आदमी ने आकर कहा कि वह उनका गुरु भाई है और वह उनके सामान की रखवाली करेगा. लेकिन जब वह गंगा स्नान करके लौटीं तो देखा कि वह सारा सामान लेकर गायब हो चुका है. वह उनका मोबाइल फोन भी ले गया.

पुलिस लोगों को सचेत करने के लिए लाउड स्पीकर से बराबर एलान कर रही है कि इस तरह चोरों के गिरोह सक्रिय हैं और लोग सावधानी बरतें. मगर ये ठग नए-नए हथकंडे अपना कर लोगों को चकमा दे रहे हैं.

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