पाकिस्तान में पोलियो मिटाने का रास्ता बिहार से

Image caption पाकिस्तानी डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री नीतिश कुमार से मुलाकात की.

बिहार में पोलियो उन्मूलन अभियान का जायज़ा लेने पाकिस्तान से पटना पहुंचे चार डाक्टरों के एक दल ने कहा है कि यहां पोलियो के मामले में मुस्लिम समाज का नज़रिया काफ़ी बदला है.

रोटरी इंटरनेशनल की तरफ से आयोजित इस यात्रा-कार्यक्रम का मकसद है पाकिस्तान और भारत के लोगों में पोलियो-ख़ात्मे को लेकर जागरूकता बढाने का साझा प्रयास.

पाकिस्तानी चिकित्सकों की इस टीम ने शनिवार और रविवार को पटना में मुस्लिम बहुल बस्तियों में जाकर लोगों से संपर्क किया और उन्हें इस साझा प्रयास के फ़ायदे बताये.

टीम के लीडर डॉक्टर शहाब बल्खी ने बीबीसी को बताया कि पाकिस्तान में वर्ष 2011 के मुकाबले वर्ष 2012 में पोलियो के दर्ज मामलों में 70 फ़ीसदी की कमी आई है.

बिहार का उदाहरण

लेकिन इस कमी को उन्होंने संतोषजनक नहीं मानते हुए कहा कि भारत और ख़ासकर रियासत बिहार ने पोलियो के ख़िलाफ़ मुहिम में जैसी कामयाबी हासिल की है, वैसी कामयाबी पाकिस्तान को नहीं मिल पाई है.

पाकिस्तान में पोलियो उन्मूलन से जुड़े कर्मचारियों पर भी अक्सर हमले होते रहे हैं.

डॉ शहाब ने कहा, ''इसकी ख़ास वजह ये है कि यहां सरकार, रोटरी, डब्ल्यूएचओ- सबने पूरे ध्यान के साथ होकर टीका अभियान चलाया. इसलिए यहां जागरूक मुस्लिम समाज को भी समझ में आ गया कि पोलियो की खुराक लेने से न तो 'नसबंदी' जैसी कोई बात होती है और न ही यह मज़हब के ख़िलाफ़ है. यह एक सही संदेश है और पकिस्तान को भी इसकी सख्त ज़रुरत है.''

टीम के सदस्यों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीयों से भी मुलाकात की और जानकारी ली कि इस बाबत राज्य सरकार ने क्या ख़ास उपाय किए हैं.

डॉ शहाब का कहना है कि पटना में मुस्लिम समुदाय के जितने लोगों से उनकी बातें हुई, सब ने ये माना है कि पोलियो खुराक को लेकर पहले जो गलतफहमियां थीं, वो दूर हो चुकी हैं.

साझा अभियान

Image caption नीतीश कुमार ने पिछले साल पाकिस्तान का दौरा किया था. तस्वीर पीटीआई

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब पिछले साल नवंबर में पाकिस्तान गए थे तो वहां रोटरी क्लब से जुड़े इन चिकित्सकों ने उनसे मुलाक़ात करके बिहार के पोलियो विरोधी सफल अभियान की चर्चा की थी.

इसी संदर्भ में रोटरी इंटरनेशनल ने यह यात्रा-कार्यक्रम बनाया और इसे ''इंडो-पाक फ़ाइनल पुश अगेंस्ट पोलियो'' नाम दिया गया.

पटना रोटरी के पूर्व डिस्ट्रिक्ट गवर्नर एलबी सिंह ने बताया कि पाकिस्तान से आए डॉक्टरों की इस टीम में डॉ हनीफ़ खिलजी, डॉ फ़रहान इसा और डॉ प्रदीप कुमार शामिल हैं.

उनके मुताबिक़ इस दल की पहली कोशिश ये रहेगी कि पोलियो खुराक के प्रति दोनों देशों के मुस्लिम समाज की हिचकिचाहट पूरी तरह दूर की जाय.

संबंधित समाचार