पटना का 'लेडी किलर' पुलिस की गिरफ़्त में

  • 27 फरवरी 2013
मुकेश ठाकुर पटना पुलिस के लिए चुनौती बन गया था

पुलिस अधिकारी कहते हैं कि छह महीने पहले तक 22 वर्षीय मुकेश ठाकुर एक मामूली चोर था लेकिन एक बार जेल जाने के बाद वो लेडी किलर बन गया और साथ ही पटना पुलिस के लिए चुनौती.

पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमृत राज ने मुकेश की गिरफ़्तारी के बाद उसे पत्रकारों के सामने पेश किया और कहा कि वो "जुनूनी हत्यारा" है.

उन्होंने कहा कि मुकेश घर के पुरुष सदस्यों को एक कमरे में बंद कर देता था और महिला का सिर किसी भोंथरे हथियार या ईंट से कुचल कर उसकी हत्या कर देता था. फिर वो गहने, पैसे आदि लेकर फ़रार हो जाता था.

करीब आठ वारदातों को उसने अकेले अंजाम दिया, जिनमें उसने सात महिलाओं की हत्या की.

सिर्फ़ दो वारदात उसने अपने साथियों विक्की कुमार उर्फ़ गोरे, मोहम्मद राजा और सूरज कुमार के साथ मिल कर कीं.

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मुकेश एक चोरी के इल्ज़ाम में जेल गया और वहाँ से अगस्त के महीने में बाहर आने के बाद उन्होंने शिकायतकर्ता सुधा देवी को जान से मारने की ठान ली.

बदला?

पटना के रामकृष्ण नगर में रहने वाली 55 साल की सुधा देवी के घर में चोरी के इल्ज़ाम में ही मुकेश ठाकुर को जेल हुई थी.

पुलिस के मुताबिक़ 13 सितंबर 2012 को मुकेश ने सुधा देवी पर हमला कर दिया लेकिन वो बाल-बाल बच गईं.

पुलिस अधीक्षक कहते हैं कि उसके बाद मुकेश ठाकुर महिलाओं का दुश्मन बन गया.

उनका कहना है कि मुकेश और उसके दोस्तों ने 13 सितंबर 2012 से 20 फरवरी 2013 के बीच कथित तौर पर 10 वारदातों को अंजाम दिया जिनमें सात महिलाओं की जान गई.

वो पहले किसी साधारण सा दिखने वाले घर का मुआयना करता था जिसमें सिर्फ़ महिला या छोटा परिवार रहता था.

पुलिस का कहना है कि रात को वो शराब पीता था, नाइट-शो में फ़िल्म देखता था और फिर चुने हुए घर में छत के सहारे घुस जाता था.

पटना के पुलिस अधीक्षक अमृत राज ने बीबीसी को बताया, “मुकेश ठाकुर पटना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था. उसका और उसके साथियों का पकड़ा जाना पुलिस के लिए बड़ी सफलता है.”

पिछले रविवार को पुलिस ने मुकेश को फुलवारी शरीफ़ के गोबरचक से उसके साथियों समेत गिरफ़्तार कर लिया.

उनके घर से लूटे गए गहने, मोबाइल फ़ोन और खून से सने कपड़े बरामद किए गए.

सभी अभियुक्तों को पटना के बेऊर जेल भेज दिया गया है.

'भयानक'

पुलिस अधीक्षक का कहना है, “मुकेश ठाकुर एक मनोरोगी लेडी किलर लगता है.”

उसने ज़्यादातर वारदातों को पटना के फुलवारी शरीफ़, दानापुर और जक्कनपुर इलाके में अंजाम दिया.

मुकेश ठाकुर के हमले में बच गईं इंदु कुमारी कहती हैं, “वो बड़ा ही भयावह था. वो हम सबको मोटे भोथरे हथियार से मार देना चाहता था लेकिन हम बच गए. भगवान की कृपा है.”

17 फरवरी को दानापुर में मुकेश ठाकुर इंदु देवी, सोनी कुमारी और सीमा देवी के घर में घुस आया था और चोरी करने के बाद उनकी हत्या करने की कोशिश की थी.

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