'रायबरेली बजट' है रेल बजट: भाजपा

Image caption पवन कुमार बंसल ने पहली बार रेल बजट पेश किया है.

रेल मंत्री पवन कुमार बंसल के रेल बजट का जहां प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वागत किया है वहीं विपक्षी दलों और यूपीए को समर्थन दे रहे दलों ने भी बजट की कड़ी आलोचना की है.

समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने रेल बजट को जनविरोधी करार देते हुए कहा कि बजट सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए हैं.

उनका कहना था, ‘‘रायबरेली को रेल देने पर मुझे आपत्ति नहीं है लेकिन यूपी में कहीं और कोई ट्रेन नहीं दी गई. इसलिए पूरा विरोध हुआ सदन में. इतना विरोध कभी भी किसी रेल मंत्री का नहीं हुआ था. ये जन विरोधी है. जनता चुनाव में जवाब देगी.’’

मुलायम सिंह यादव प्रतिक्रिया देते हुए काफी नाराज़ दिखे. उनका कहना था, ‘‘यूपी में कई जगह रेल का काम रुका हुआ है. हमें उम्मीद थी कि वो काम शुरु होगा लेकिन सरकार ने तो यूपी में कुछ भी नहीं किया. सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए बजट है ये.’’

आलोचना

यूपीए के एक और समर्थक दल बहुजन समाज पार्टी की नेता मायवाती ने भी बजट की आलोचना की.

उनका कहना था, ‘‘ इस बजट से मिडिल क्लास और गरीब लोगों को कोई फायदा नहीं होने वाला है. ईंधन सरचार्ज लगाए जाने से लोगों को बहुत नुकसान होने वाला है.’’

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने रेल बजट को 'रायबरेली बजट' करार देते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है.

पार्टी नेता यशवंत सिन्हा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘ जब एक ही प्रदेश का नाम बजट में बार बार आए तो नारे तो लगेंगे ही कि रेल नहीं रेलबरेली बजट है. सरकार ने पांच प्रतिशत माल भाड़ा बढ़ाया है जिससे मंहगाई बढ़ेगी. तो इसमें किसका फायदा है. यह एक औसत बजट है. पहली बार किसी रेल बजट में इतना खराब दृश्य उपस्थित हुआ कि सांसदों ने नारे लगाए हैं.’’

भाजपा का कहना था कि बजट में एनडीए के शासन वाले राज्यों को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ किया गया है और इसमें सिर्फ और सिर्फ रायबरेली को ध्यान में रखा गया है.

इससे पहले प्रधानमंत्री ने रेल बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेल मंत्री ने बढ़िया काम किया है.

प्रधानमंत्री का कहना था, ‘‘रेल बजट सुधारवादी और आगे बढ़ने वाला क़दम है. रेल मंत्री का काम तारीफ करने योग्य है. रेल मंत्री ने सेवाओं को बढ़ाने और खर्च पर नियंत्रण का अच्छा काम किया है. ’’

उधर रेल बजट के भाषण के बाद सेंसेक्स में गिरावट आई है. बंबई सूसचांक 200 अंक नीचे गिरा है जबकि नेशनल सूंचकांक 65 अंक नीचे आ गया.

आर्थिक मामलों के संगठन एसोचैम ने रेल बजट को 'सभी को खुश करने वाला बजट ' करार दिया है.

एसोचैम ने बयान जारी कर के कहा है कि सरकार ने सभी को खुश करने के चक्कर में रेलवे के कारपोरेटाइज़ेशन का एक और मौका गंवा दिया है.

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