क्या जनता को लुभा पाएंगे रेल मंत्री ?

पवन कुमार बंसल
Image caption रेल मंत्री पवन कुमार बंसल का यह पहला रेल बजट है.

गठबंधन सरकारों की एक परंपरा रही है कि रेलवे मंत्रालय हमेशा से सत्ता की साझीदार पार्टियों के पास रहा है. लेकिन अब 18 साल के लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस अपना पहला रेल बजट पेश करने जा रही है.

लोकसभा में मंगलवार को जब पवन कुमार बंसल अपना पहला रेल बजट सदन के पटल पर रखेंगे तो उनके सामने साल 2014 में होने वाले आम चुनाव, गठबंधन की ज़रूरतें और जन अपेक्षाओं के दरम्यां संतुलन बनाए रखने की चुनौती होगी.

रेल बजट पर नज़र रखने वाले और इससे प्रभावित होने वाले तबके के बीच कई सवाल हैं.

क्या बंसल डीज़ल की कीमत में बढोतरी के मद्देनजर रेल किराये में इज़ाफा करने जा रहे हैं. रेल यात्रियों के लिए सुविधा और सुरक्षा पर क्या किया जाने वाला है?

कौन-कौन सी नई ट्रेनों का ऐलान होगा और उस बुलेट ट्रेन का क्या हुआ जिसका जिक्र पिछले रेल मंत्री अपने बजट भाषणों में करते रहे हैं.

राजस्व का प्रबंधन

राजस्व के संकट से जूझ रहा रेलवे अपनी माली हालत को सुधारने के लिए क्या करेगा ?

हाल ही में रेलवे मंत्री ने खुद एक आकलन में कहा कि साल 2012-13 के मौजूदा वित्त वर्ष में रेलवे ने 6,600 करोड़ रुपए के अतिरिक्त राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन डीज़ल की कीमतों के बढ़ जाने से इस लक्ष्य में से 3,300 करोड़ रुपए निकल गए.

मौजूदा वित्त वर्ष में मुसाफिरों को लाने ले जाने में होने वाले खर्च के मामले में 25 हज़ार करोड़ रपए का घाटा उठाने के बाद रेलवे ने साल की शुरुआत में रेलवे ने 22 जनवरी को सभी श्रेणियों के यात्री किरायों में इज़ाफा किया था.

Image caption भारत में रेलवे यातायात का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला माध्यम है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और योजना आयोग के साथ कई रेल मंत्री की कई दौर की बैठकों के बारे में यह माना जा रहा है कि यात्री किराये में इज़ाफे की संभावना को लेकर बातचीत हुई है.

किराये में इजाफा?

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बंसल ने इस मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी सलाह ली है.

हालांकि कांग्रेस पार्टी के बारे में यह कहा जा रहा है कि आम चुनाव नजदीक होने की वजह से वह किराये में इजाफे को लेकर उत्साहित नहीं है.

ऐसी उम्मीदें जताई जा रही हैं कि रेल मंत्री यात्री सुविधाओं के लिए कुछ नए कदमों की घोषणा करेंगे. रेलवे में खान-पान और सफाई की बेहतर सुविधा के लिए जरूरी उपाय किए जाएंगे.

बंसल के बजट में नेत्रहीन मुसाफिरों के लिए ब्रेल लिपि वाले स्टीकर रेल कोचों पर लगाए जाने की शुरुआत की पहल भी की जा सकती है.

बहरहाल ये सब कुछ पवन बंसल के रेल बजट पेश करने के साथ ही साफ हो जाएगा.

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